Maharashtra Court Cyber Fraud Verdict: डिजिटल की दुनिया में साइबर ठगी का मामला आसान हो गया है। OTP और बैंक की जानकारी मांगने के बाद खाते से तुरंत धनराशी ट्रांसफर हो जाती है। ऐसा ही मामला 2022 साल में सामने आया था जहां प्रियंका हनुमंत पवार को 26 फरवरी, 2022 के साथ ठगी की गई थी और उनके खाते से राशी ट्रांसफर हो गई थी। यह ₹99,986 की राशी मनोज किस्कू के खाते में मिली थी जिसके बाद 2023 में गिरफ्तारी हुई थी और आज इस मामले में मुंबई गिरगांव कोर्ट ने मनोज किस्कू को बरी कर दिया है।
Mumbai Cyber Fraud Case

गिरगांव न्यायालय के न्यायिक मजिस्ट्रेट ने अपने फैसले में मनोज किस्कू को बरी कर दिया औऱ कहा कि खाते में धनराशी आना अपराध नहीं है। बता दें कि अभियोजन पक्ष ने इस मामले में संदेह साबित करने में फेल रहा है जिसके बाद कोर्ट ने अपना फैसला मनोज किस्कू के पक्ष में सुनाया है। मजिस्ट्रेट ने कहा कि आपराधिक साजिश के सबूत ना होने पर बैंक खाते में धनराशी आना अपराध नहीं है।
Girgaon Court Judgement

अदालत ने बड़ा बयान देने के बाद कहा कि साइबर ठगी के कारण शिकायतकर्ता को नुकसान पहुंचा है और जिनके खाते में राशी आई है उन्हें लाभ मिला लेकिन यह सिर्फ लेनदेन है और देनदारी बनाती है। ऐसे में जिनके खाते में राशी आई है उसे आपराधिक अपराध नहीं माना जा सकता है। इसी बयान के आधार पर तीन साल पुराने केस पर फैसला सुनाया गया है।
OTP Scam Case India
26 फरवरी, 2022 को हनुमंत पवार के साथ धोखाधड़ी हुई थी इस दौरान एक SMS मिला था और अपने HDFC बैंक खाते को एक्टिव रखने के लिए पैन कार्ड अपडेट करने के लिए फर्जी वेबसाइट की जानकारी दी गई थी। जानकारी भरने के बाद खाते से ₹99,986 की राशी ट्रांसफर हो गई थी। एक कॉल दोबारा आय़ा और OTP शेयर करने के लिए कहा गया फिर खाते से 2,99,970 रुपये ट्रांसफर हो गए थे।
ट्रांसफर की गई धनराशी में से ₹99,986 की राशी मनोज किस्कू के खाते में ट्रेस किए गए थे और 17 मार्च 2023 को गिरफ्तार कर लिया गया था और अक्टूबर 2023 में जमानत मिल गई थी। इस मामले में झारखंड के जामताड़ा निवासी रउफ के नाम पर रजिस्टर्ड नंबर से कॉल की गई थी।


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