Breaking: MGNREGA की जगह अब VB-G RAM G रोजगार कानून लाएगी सरकार, जानें पहले से कितना है अलग?

Summary :

MGNREGA New Name: केंद्र सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को समाप्त कर एक नया कानून लाने की योजना बना रही है। इसके लिए संसद में विकसित भारत गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) नाम का एक नया विधेयक पेश किया जा सकता है। यह बदलाव ग्रामीण रोज़गार नीति में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। MGNREGA New Name: क्या होगा नया कानून? नए प्रस्तावित कानून के तहत ग्रामीण परिवारों को मिलने वाले रोज़गार के दिनों की संख्या 100 से बढ़ाकर 125 दिन करने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही…

MGNREGA New Name: केंद्र सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को समाप्त कर एक नया कानून लाने की योजना बना रही है। इसके लिए संसद में विकसित भारत गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) नाम का एक नया विधेयक पेश किया जा सकता है। यह बदलाव ग्रामीण रोज़गार नीति में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

MGNREGA New Name: क्या होगा नया कानून?

नए प्रस्तावित कानून के तहत ग्रामीण परिवारों को मिलने वाले रोज़गार के दिनों की संख्या 100 से बढ़ाकर 125 दिन करने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही राज्य सरकारों की वित्तीय भागीदारी पहले से अधिक होगी। सरकार का कहना है कि यह नया कानून “विकसित भारत @2047” के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप ग्रामीण विकास को मज़बूत करेगा।

MGNREGA New Name (source: social media)
MGNREGA New Name (source: social media)

VB-G RAM G: संसद में पेश होने की संभावना

इस विधेयक की एक प्रति लोकसभा सांसदों के बीच साझा की जा चुकी है। उम्मीद है कि इसे संसद में पेश कर मनरेगा अधिनियम, 2005 को औपचारिक रूप से रद्द किया जाएगा। अगर यह बिल पास होता है, तो ग्रामीण रोज़गार और आजीविका सुरक्षा की मौजूदा व्यवस्था में बड़ा नीतिगत बदलाव देखने को मिलेगा।

MGNREGA New Name (source: social media)
MGNREGA New Name (source: social media)

G RAM G YOJANA: नए ढांचे की विशेषताएं

नए कानून में केंद्र सरकार के स्तर पर एक सेंट्रल ग्रामीण रोज़गार गारंटी काउंसिल बनाने का प्रस्ताव है। इस परिषद में एक अध्यक्ष, केंद्र और राज्य सरकारों के प्रतिनिधि, पंचायती राज संस्थाओं के सदस्य, मज़दूर संगठनों के प्रतिनिधि और समाज के कमजोर वर्गों से जुड़े गैर-सरकारी सदस्य शामिल होंगे। इसके अलावा एक मेंबर-सेक्रेटरी भी होगा, जो संयुक्त सचिव से नीचे के स्तर का अधिकारी होगा।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

इस प्रस्ताव पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने सवाल उठाया है कि सरकार योजना से महात्मा गांधी का नाम क्यों हटा रही है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी देश और दुनिया के सबसे महान नेताओं में से एक थे और उनके नाम को हटाने का कोई ठोस कारण समझ में नहीं आता।

MGNREGA New Name (source: social media)
MGNREGA New Name (source: social media)

क्या है मनरेगा?

मनरेगा एक ऐसा कानून है जो ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को काम करने का अधिकार देता है। इसे वर्ष 2005 में लागू किया गया था। शुरुआत में इसका नाम राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम (NREGA) था, जिसे 2009 में महात्मा गांधी के नाम से जोड़ा गया।

मनरेगा की मुख्य विशेषताएं

इस योजना के तहत हर ग्रामीण परिवार को साल में कम से कम 100 दिन का मज़दूरी वाला काम देने की कानूनी गारंटी है। अगर 15 दिनों के भीतर काम नहीं मिलता, तो बेरोज़गारी भत्ता देने का प्रावधान है। योजना में महिलाओं की भागीदारी कम से कम एक-तिहाई सुनिश्चित की गई है।

ग्रामीण विकास में मनरेगा की भूमिका

मनरेगा दुनिया की सबसे बड़ी रोज़गार गारंटी योजनाओं में से एक है। इसके अंतर्गत करोड़ों ग्रामीण मज़दूरों को रोज़गार मिला है। पंचायतों और ग्राम सभाओं को काम की योजना और क्रियान्वयन में अहम भूमिका दी गई, जिससे स्थानीय स्तर पर विकास को बढ़ावा मिला।

यह भी पढ़ें: PM मोदी करेंगे छात्रों से बातचीत, परीक्षा का तनाव होगा दूर, जानें कब होगा परीक्षा पे चर्चा का 9वां संस्करण शुरू

Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।