महाराष्ट्र में मराठी और हिंदी भाषा के बीच चल रहा विवाद बढ़ता जा रहा है। इसी बीच राज ठाकरे के समर्थकों द्वारा गैर-मराठी भाषियों की पिटाई के बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। लेकिन पुलिस ने उन्हें अनुमति नहीं दी और अविनाश जाधव समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में और नजरबंद कर दिया गया है। MNS कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मीरा रोड पर प्रदर्शन किया गया।
क्यों कर रहे है विरोध प्रदर्शन
महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। बता दें कि कुछ दिनों पहले ही मिठाई के मालिक को मराठी भाषा में बात करने के लिए कहा था लेकिन दुकानदार ने मराठी भाषा में बोलने के लिए मना कर दिया था। इस मनाही के बाद कार्यकर्ताओं ने दुकानदार की पिटाई कर दी। पुलिस ने इस घटना के बाद कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया था लेकिन बाद में छोड़ दिया था। इसी के खिलाफ व्यापारियों ने दुकानदार की पीटाई की निंदा की और विरोध प्रदर्शन किया लेकिन व्यापारियों के प्रदर्शन के बाद MNS कार्यकर्ताओं ने रैली निकालने की घोषणा की और अनुमति ना मिलने के बाद पुलिस ने मीरा रोड पर कार्यकर्ताओं को रोक दिया।
CM देवेंद्र फडणवीस का बयान
महाराष्ट्र में भाषा विवाद और MNS कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन के बाद CM देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि रैली निकालने की अनुमति दी गई थी लेकिन कार्यकर्ता मीरा रोड पर रैली निकालने की मांग कर रहे थे लेकिन वहां से रैली निकालना संभव नहीं था। पुलिस कमिश्नर ने अनुमति देने के लिए मना नहीं किया था लेकिन मीरा रोड के बदले दूसरे रोड से रैली निकालने के लिए अनुमति पर पुलिस कमिश्नर ने सहमति जताई थी लेकिन कार्यकर्ता इस बात से सहमत नहीं थे।
उदय सामंत ने किया विरोध
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री उदय सामंत ने MNS कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि यह प्रशासन का मामला है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में अगर कोई विरोध प्रदर्शन कर रहा है तो उसे अनुमति देना या न देना पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है। मुझे पूरा भरोसा है कि पुलिस प्रशासन इस मामले में कोई अन्याय नहीं करेगा।
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