भोपाल, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है, वहीं कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने केंद्र सरकार से 25 साल का हिसाब मांगा है।
जीतू पटवारी ने प्रधानमंत्री मोदी के सेवा काल के 25 वर्ष पूरे होने पर कहा कि 25 साल का मूल्यांकन प्रचार और विज्ञापनों से नहीं, जनता के जीवन से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सात अक्टूबर 2001 से गुजरात के मुख्यमंत्री और मई 2014 से देश के प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक शासन का कांग्रेस तथ्यात्मक रिकॉर्ड के आधार पर मूल्यांकन कर रही है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कई सवाल पूछते हुए कहा कि 25 साल के शासन के बाद देश के युवाओं को पर्याप्त स्थायी रोजगार कब मिलेगा? भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक, परीक्षा रद्द और भर्ती में देरी से परेशान युवाओं को जवाब कौन देगा? नोटबंदी के बाद सरकार बताए, काला धन कितना पकड़ा गया और अर्थव्यवस्था को इसकी कीमत कितनी चुकानी पड़ी? जीएसटी के शुरुआती दौर में छोटे व्यापारियों को हुई परेशानियों की जिम्मेदारी कौन लेगा?
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कृषि कानून की चर्चा करते हुए जानना चाहा है कि तीन कृषि कानून किसानों के हित में थे तो एक साल के आंदोलन के बाद उन्हें वापस क्यों लेना पड़ा? किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी कब मिलेगी?
पटवारी ने कहा 25 साल का हिसाब केवल यह नहीं है कि कितनी योजनाएं शुरू हुईं। असली सवाल है युवा को रोजगार कितना मिला, किसान कितना सुरक्षित हुआ, महिला कितनी सुरक्षित हुई, गरीब की आय कितनी बढ़ी, संस्थाएं कितनी स्वतंत्र रहीं और संविधान कितना मजबूत हुआ?
उन्होंने कहा कि हम उपलब्धियों को नकारने की राजनीति नहीं करते, लेकिन उपलब्धियों के नाम पर जनता के सवाल दबाने की राजनीति भी स्वीकार नहीं करेंगे। मोदी के 25 वर्षों का असली रिपोर्ट कार्ड विज्ञापनों में नहीं, देश के युवा, किसान, मजदूर, महिला, गरीब और आम नागरिक की जिंदगी में दिखाई देना चाहिए।
–आईएएनएस
एसएनपी/एएसएच
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



