नई दिल्ली, 7 जून (आईएएनएस)। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक और भावनात्मक परेशानियां आम सी बात बन चुकी हैं। ज्यादातर लोग मानसिक परेशानियों से जूझ रहे होते हैं। लेकिन लोग आमतौर पर इसे आम सी बात समझकर इग्नोर कर देते हैं, जबकि तनाव कई बड़ी शारीरिक और मानसिक समस्याओं की वजह है। हालांकि, इसका समाधान योगासन के पास है।
भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, मानसिक तनाव और भावनात्मक गड़बड़ी सेंट्रल नर्वस सिस्टम को बहुत अधिक एक्टिव कर देती है। इससे नींद आने में समस्या होती है, मन अशांत रहता है और शरीर का तालमेल बिगड़ जाता है। लंबे समय तक यह स्थिति बनी रहे तो थकान, चिड़चिड़ापन और कई स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ सकती हैं।
योग एक्सपर्ट के अनुसार, नियमित योग अभ्यास इन समस्याओं का बेहतरीन उपाय है। योग मन को शांत करता है, कोर्टिसोल (तनाव हार्मोन) का स्तर कम करता है और नींद का नेचुरल पैटर्न सुधारता है। जब मन शांत होता है तो शरीर भी अपनी प्राकृतिक लय में वापस आ जाता है। आयुष मंत्रालय के अनुसार योग के नियमित अभ्यास से न सिर्फ नींद अच्छी आती है बल्कि भावनात्मक संतुलन भी बना रहता है। इससे रोजमर्रा के तनाव को कंट्रोल करना आसान हो जाता है और सेहत में भी सुधार होता है।
योग एक्सपर्ट बताते हैं कि योगासन कैसे मदद करता है? यह मन को शांत कर तनाव वाले हार्मोन कोर्टिसोल को कम करता है, नर्वस सिस्टम को संतुलित रखता है। गहरी और अच्छी नींद दिलाता है और भावनात्मक स्थिरता बढ़ाता है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि व्यस्त जीवनशैली में छोटी-छोटी योग क्रियाएं जैसे प्राणायाम, ध्यान और आसन भी बहुत फायदेमंद साबित होते हैं। रोजाना सिर्फ 15-20 मिनट योग करने से मानसिक शांति मिलती है और नींद की समस्या दूर होती है। विशेषज्ञों की सलाह है कि सुबह या शाम के समय शांत वातावरण में योग करें। खासकर जो लोग अनिद्रा, चिंता या तनाव से ग्रस्त हैं, उन्हें योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।
–आईएएनएस
एमटी/पीएम
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