पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त की तरह व्यवहार न करें नए सीईसी : मनोज झा

Summary :

नए सीईसी ज्ञानेश कुमार को मनोज झा की सलाह: आर्टिकल 324 पढ़ें

चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को नया मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) नियुक्त किया गया है। ज्ञानेश कुमार के मुख्य चुनाव आयुक्त चुने जाने पर अब सियासत भी तेज हो गई है। राजद सांसद मनोज झा ने चयन समिति पर सवाल उठाए हैं। आईएएनएस से बात करते हुए राजद सांसद मनोज झा ने कहा, “मुख्य चुनाव आयुक्त का चयन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया। मुख्य चुनाव आयुक्त को चुनने की जो प्रक्रिया बनाई गई है, वह गलत है, क्योंकि पहले इसमें चीफ जस्टिस होते थे, लेकिन उन्हें निकाल दिया गया। चुनाव आयोग का काम चुनाव करवाने का होता है, जिससे कार्यकारिणी का निर्माण किया जा सके। अब नए मुख्य चुनाव आयुक्त आए हैं, मैं उनसे यही कहूंगा कि वह आर्टिकल 324 को पढ़ें। पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त की तरह व्यवहार न करें। साथ ही सस्ती शायरी न सुनाएं।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने सोमवार शाम को दिल्ली में बैठक की, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के उत्तराधिकारी के तौर पर ज्ञानेश कुमार को भारत का नया मुख्य चुनाव आयुक्त चुना गया।

वहीं, हरियाणा के मुख्य सचिव विवेक जोशी को ज्ञानेश कुमार की पदोन्नति के बाद चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया। ज्ञानेश कुमार के साथ चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्त किए गए सुखबीर सिंह संधू अपने पद पर बने रहेंगे।

केरल कैडर के 1988 बैच के आईएएस अधिकारी ज्ञानेश कुमार तीन सदस्यीय पैनल के दो आयुक्तों में से वरिष्ठ हैं, जिसका नेतृत्व राजीव कुमार ने किया था। पैनल के दूसरे आयुक्त उत्तराखंड कैडर के अधिकारी सुखबीर सिंह संधू हैं। नए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का कार्यकाल 26 जनवरी 2029 को समाप्त होगा। उनकी देखरेख में इस साल के बिहार विधानसभा चुनाव और अगले साल पश्चिम बंगाल, असम और तमिलनाडु के विधानसभा चुनाव होंगे।

News Desk

News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.