मुरैना : मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में दलित आंदोलन के दौरान सोमवार को हुई हिंसा के संबंध में चंबल संभाग के आयुक्त एमके अग्रवाल ने मुरैना नगरपालिक निगम के दो पार्षदों को पद के अयोग्य घोषित करने का नोटिस जारी करते हुए उनसे जवाब मांगा है।
दोनों पार्षदों पर भारत बंद के दौरान उपद्रवियों के साथ मिलकर शासकीय सम्पति को क्षति पहुंचाने व अशांति का वातावरण उत्पन्न करने का आरोप है। दोनों पार्षदों गब्बर सखवार और बालकिशन इंडोलिया को 17 अप्रैल को चंबल आयुक्त कार्यालय में उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार मुरैना कलेक्टर भास्कर लाक्षाकार ने कल दोनों पार्षदों के खिलाफ संभागायुक्त अग्रवाल को अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत किया था। इसके बाद आयुक्त श्री अग्रवाल ने जारी नोटिस में कहा है कि पार्षदों के यह कृत्य पदीय दायित्वों के विपरीत होकर नगर पालिक अधिनियम की धाराओं के तहत पद से अयोज्ञ घोषित करने के दायरे में आते हैं।
नोटिस में कहा है कि यदि 17 अप्रैल को दोनों पार्षद अपना जवाब प्रस्तुत नहीं करते हैं तो उनके विरुद्ध एकतरफा कार्रवाई की जायेगी। सूत्रों के अनुसार दोनों पार्षदों के खिलाफ खुफिया एजेन्सी के अतिरिक्त जिला प्रशासन के पास भी उपद्रव में शामिल होने के प्रमाण मिले हैं। इसी के आधार पर ही कलेक्टर ने आयुक्त को प्रतिवेदन भेजा है।
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