NSA Ajit Doval Award: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को महाराष्ट्र के पुणे में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल को प्रतिष्ठित लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें देश की सुरक्षा को मजबूत बनाने और लंबे समय तक राष्ट्रीय हित में किए गए महत्वपूर्ण कार्यों के लिए दिया गया। इस मौके पर कई सीनियर नेता और बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे। तिलक स्मारक ट्रस्ट की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में अमित शाह ने डोभाल को पुरस्कार प्रदान किया और उनके लंबे सार्वजनिक जीवन तथा देश की सुरक्षा के प्रति समर्पण की तारीफ की।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अजित डोभाल भारत के सबसे एक्सपीरियंसड सुरक्षा एक्स्पर्ट्स में गिने जाते हैं। उन्होंने अपने लंबे करियर में देश के कई संवेदनशील इलाकों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। मिजोरम, सिक्किम, पंजाब और जम्मू-कश्मीर जैसे क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसके अलावा उन्होंने विदेशों में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया। इस्लामाबाद और लंदन स्थित भारतीय मिशनों में उन्होंने राजनयिक जिम्मेदारियां निभाईं। मौजूदा समय में वह भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं।
भारत-चीन संबंधों में भी निभाई जिम्मेदारी
अजित डोभाल ने भारत और चीन के बीच सीमा से जुड़े मुद्दों पर भी अहम भूमिका निभाई। उन्हें दोनों देशों के बीच विशेष प्रतिनिधि के रूप में बातचीत की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। डोकलाम विवाद के दौरान कूटनीतिक स्तर पर समाधान निकालने के प्रयासों में भी उनका खास योगदान रहा है। सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़े कई अहम फैसलों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही है।
क्या है लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार?
लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार की शुरुआत साल 1983 में की गई थी। इस सम्मान का मकसद उन लोगों को सम्मानित करना है, जिन्होंने देश की प्रगति, विकास और समाज के लिए अपना अहम योगदान दिया हो। यह पुरस्कार हर साल 1 अगस्त को स्वतंत्रता सेनानी और महान नेता लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि पर प्रदान किया जाता है। पहला पुरस्कार समाजवादी नेता एस.एम. जोशी को दिया गया था।
इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से देश की कई प्रमुख हस्तियों को पहले भी सम्मानित किया जा चुका है। इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, डॉ. मनमोहन सिंह, इंदिरा गांधी, पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी और वरिष्ठ नेता शरद पवार जैसे नाम शामिल हैं। अब इस सूची में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल का नाम भी शामिल हो गया है।
अण्णाभाऊ साठे को भी दी श्रद्धांजलि
अपने पुणे दौरे के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने महान मराठी कवि, लेखक और समाज सुधारक लोकशाहीर अण्णाभाऊ साठे की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की। सरसबाग क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार सहित कई सीनियर नेता मौजूद रहे। सभी ने साठे की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया।
अण्णाभाऊ साठे का जन्म 1 अगस्त 1920 को हुआ था। उन्होंने अपने साहित्य और लोककला के जरिए से समाज के वंचित और गरीब वर्ग की आवाज को मजबूत किया। उन्हें दलित साहित्य के प्रमुख रचनाकारों में गिना जाता है। उनके विचार और रचनाएं आज भी समाज को समानता, न्याय और सामाजिक जागरूकता का संदेश देती हैं। इसलिए उनकी जयंती पर हर साल अलग- अलग कार्यक्रमों का आयोजन कर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है।
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