One Nation One Election Row : 18 मार्च बुधवार को लोकसभा ने को ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ से जुड़े अहम विधेयकों की समीक्षा कर रही संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को अपनी रिपोर्ट पेश करने के लिए अतिरिक्त समय दे दिया। अब यह समिति अपनी रिपोर्ट 2026 के मॉनसून सत्र के अंतिम सप्ताह के पहले दिन तक प्रस्तुत कर सकेगी।
समिति के अध्यक्ष पी. पी. चौधरी ने सदन में प्रस्ताव रखते हुए रिपोर्ट पेश करने की समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा कि ‘संविधान (129 वां संशोधन) विधेयक, 2024’ और ‘केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024’ पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के लिए और समय की आवश्यकता है। सदन ने उनके इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
One Nation One Election Row: 2024 में पेश हुए थे अहम विधेयक

ये दोनों विधेयक दिसंबर 2024 में लोकसभा में पेश किए गए थे और आगे की जांच के लिए संयुक्त समिति को भेजे गए थे। ‘संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024’ का संबंध उस प्रस्ताव से है जिसे ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ के नाम से जाना जाता है। इसका उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराना है। वहीं, ‘केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024’ भी इसी व्यापक ढांचे का हिस्सा है।
इससे पहले 9 मार्च को संसद भवन में JPC की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक के बाद पी. पी. चौधरी ने कहा था कि ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ राष्ट्रीय हित से जुड़ा विषय है और इसे किसी एक दल के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इससे एक समान मतदाता सूची बनाने में सुविधा होगी और समय की बचत होगी।
Lok Sabha: ग़ुलाम नबी आजाद ने साझा किया अनुभव
बैठक के दौरान ग़ुलाम नबी आजाद ने अपने राजनीतिक अनुभव साझा करते हुए सदस्यों के सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कई अहम मुद्दों पर स्पष्टता प्रदान की, जिससे समिति के भीतर चल रही चर्चाओं को दिशा मिली। उनके सुझावों को समिति की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब संयुक्त संसदीय समिति को विशेषज्ञों की राय, विभिन्न पक्षों के विचार और विस्तृत अध्ययन के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करनी है। इस रिपोर्ट के आधार पर सरकार देश में एक साथ चुनाव कराने के इस बड़े सुधार को लागू करने की दिशा में आगे कदम बढ़ा सकती है।
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