रायपुर : संसदीय सचिवों की नियुक्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। राज्य सरकार के साथ-साथ इस मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से भी मामले में जवाब मांगा गया है। सुप्रीम कोर्ट ने संसदीय सचिवों के 70 लाख के अनुदान बांटे जाने के मुद्दे पर भी राज्य सरकार से जवाब मांगा है। ज्ञात हो कि आरटीआई एक्टिविस्ट राकेश चौबे ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर संसदीय सचिवों की नियुक्ति को चैलेंज करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
आज इस याचिका पर तीन जजों की बेंच में सुनवाई हुई। इस बेंच में चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस डी चंद्रचूर और एके खांडवेल्कर शामिल थे। इस मामले में अब अगली सुनवाई गरमी छुट्टी के बाद होगी। कोर्ट ने इस मामले में नोटिस जारी कर सभी पक्षों से ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद जवाब प्रस्तुत करने को कहा है। आरटीआई एक्टिविस्ट राकेश चौबे ने बताया है कि संविधान में संसदीय सचिव का पद है ही नहीं, बावजूद नियुक्ति की गयी है, जो पूरी तरह अवैधानिक है, कई राज्यों ने इसे अवैध ठहराया।
और नियुक्ति निरस्त की गयी है, इन्ही सारे मुद्दों को उन्होंने संसदीय सचिव की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। राकेश चौबे ने कहा कि राज्य सरकार को नोटिस जारी किया गया है, हाईकोर्ट से भी जवाब मांगा गया है। गरमी की छुट्टी के बाद सभी को जवाब देने को कहा गया है।
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