न्यूटाउन, 8 सितंबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने मंगलवार को नंदीग्राम के आगामी उपचुनाव, बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान, अष्टमी पर शराब पर प्रतिबंध, पूजा कमेटियों को सरकार के 1 लाख रुपए के अनुदान और पार्टी कार्यालय में भाजपा की बैठक को लेकर अपनी बात रखी।
उपचुनाव को लेकर दिलीप घोष ने कहा, “उपचुनाव होने जा रहा है और भाजपा की जीत तय है। यहां के लोगों ने भारतीय जनता पार्टी का मजबूती से समर्थन किया है। सरकार भी केंद्र के साथ समन्वय बनाकर कड़े फैसले ले रही है और लोगों के लिए काम कर रही है। लोग सरकार के काम से खुश हैं। इसलिए सरकार को और मजबूत करने के लिए लोग भाजपा को वोट देंगे और पार्टी बड़े अंतर से जीतेगी।”
बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान पर दिलीप घोष ने कहा, “आमतौर पर हमारे देश में और सनातन धर्म में यह मान्यता है कि अहिंसा को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाना चाहिए। इसलिए पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान हिंसा नहीं होनी चाहिए और मांस नहीं बेचा जाना चाहिए। शाकाहारी और सात्विक भोजन परोसा जाना चाहिए ताकि आध्यात्मिक माहौल बना रहे। हालांकि, बंगाल की अलग परंपरा है, जहां मछली को देवी-देवताओं को प्रसाद के रूप में चढ़ाया जाता है। यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। संत अपने तरीके से विचार व्यक्त करते हैं और सभी को सलाह देते हैं कि पूजा के दौरान सात्विक जीवनशैली बनाए रखें और धार्मिक माहौल को पवित्र रखें।”
बता दें कि धीरेंद्र शास्त्री ने दुर्गा पूजा के दौरान मांसाहारी भोजन न खाने की अपील की थी। इस पर पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा था कि धीरेंद्र शास्त्री यह तय नहीं करेंगे कि बंगाल के लोग क्या खाएंगे, क्या नहीं।
शराबबंदी के सवाल पर दिलीप घोष ने कहा, “जिस तरह भोजन सात्विक होना चाहिए, वैसे ही माहौल भी नशे से मुक्त होना चाहिए। अगर लोग पूजा के समय नशा करते हैं या शराब पीते हैं तो इससे व्यवस्था बिगड़ सकती है। इतनी बड़ी भीड़ को पुलिस कैसे संभाल पाएगी? इसलिए किसी तरह का प्रतिबंध या नियमन जरूरी है।”
राज्य सरकार द्वारा पूजा कमेटियों को 1 लाख रुपए के अनुदान पर उन्होंने कहा, “बिजली मुफ्त दी जाएगी। जैसे कि पिछली सरकार इसको दान देती थी। सरकारी पैसा डोनेशन में नहीं जाना चाहिए। इसलिए नैतिक आधार पर हम चाहते हैं कि लोग ऐसे फंड को स्वीकार न करें। सरकार अचानक इस प्रथा को बंद नहीं करेगी। सभी से अपील की गई है कि अगर उन्हें जरूरत नहीं है तो अनुदान लेने से बचें।”
दरअसल, सीएम सुवेंदु अधिकारी ने पिछली तृणमूल सरकार द्वारा पंजीकृत पूजा समितियों को पूजा के आयोजन के लिए पिछले कई वर्षों से वार्षिक अनुदान देने की शुरू की गई व्यवस्था को बरकरार रखते हुए इस बार एक-एक लाख रुपए का सरकारी अनुदान देने की घोषणा की थी। हालांकि, उन्होंने बड़ी और सक्षम पूजा समितियों से यह अनुदान नहीं लेने की अपील भी की थी।
पार्टी बैठक को लेकर दिलीप घोष ने बताया, “प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे होने पर 10 अक्टूबर को कार्यक्रम मनाया जाएगा, इसे लेकर पार्टी की बैठक हो रही है। उनकी जयंती 17 अक्टूबर को मनाने के लिए एक महीने तक ‘सेवा महीना’ मनाया जाएगा। पहले यह एक सप्ताह तक मनाया जाता था लेकिन इस साल विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों की योजना और तैयारी के लिए फिलहाल एक कार्यशाला चल रही है।”
–आईएएनएस
वीकेयू/पीएम
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