PM Modi Karnataka Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अप्रैल को कर्नाटक दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह सुबह करीब 11 बजे मांड्या जिले के श्री क्षेत्र आदिचुनचनगिरी में ‘श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर’ का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस अवसर पर वे जनसभा को संबोधित भी करेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी “सौंदर्य लहरी और शिव महिम्न स्तोत्रम” नामक पुस्तक का संयुक्त रूप से विमोचन भी करेंगे।

जानें श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर का महत्व
‘श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर’ एक स्मारक है जो श्री आदिचुनचनगिरी महासंस्थान मठ के 71वें पीठाधीश्वर, पूजनीय संत श्री डॉ. बाल गंगाधरनाथ महास्वामीजी को समर्पित है। पारंपरिक द्रविड़ वास्तुकला शैली में निर्मित यह मंदिर, दिवंगत संत के जीवन और विरासत को एक श्रद्धांजलि के रूप में खड़ा है। इस मंदिर की परिकल्पना न केवल एक श्रद्धा स्थल के रूप में की गई है, बल्कि इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा के स्रोत के रूप में भी देखा जा रहा है।

PM Modi Karnataka Visit: स्वामी गंगाधरनाथ जी का सामाज के प्रति समर्पण
श्री डॉ. बाल गंगाधरनाथ महास्वामीजी का सामाजिक सेवा के प्रति आजीवन समर्पण के लिए व्यापक रूप से सम्मान किया जाता था; उन्होंने अनेक शैक्षणिक संस्थानों और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थापना की थी। उनका दृढ़ विश्वास था कि समाज की सेवा ही ईश्वर की सर्वोच्च आराधना है, और उनकी शिक्षाएं जाति, पंथ और क्षेत्र की सीमाओं से परे थीं, जिन्होंने लाखों लोगों को प्रेरित किया।
Delhi-Dehradun Economic Corridor: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन
मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहुप्रतीक्षित ‘दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे’ का उद्घाटन किया। यह 12,000 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित एक शानदार बुनियादी ढांचा है, जो राष्ट्रीय राजधानी और ‘हिमालय के प्रवेश द्वार’ (देहरादून) के बीच यात्रा के समय को छह घंटे से घटाकर मात्र 2.5 घंटे कर देती है।
The Delhi-Dehradun Economic Corridor, being inaugurated today, is a world-class infrastructure project that will deepen connectivity, boost the economy and tourism. https://t.co/5TayGK4QLZ
— Narendra Modi (@narendramodi) April 14, 2026
Delhi-Dehradun Economic Corridor: 6 घंटे का सफर मात्र 2.5 घंटे में होगा पूरा
दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्यों में 213 किलोमीटर तक फैला यह छह-लेन वाला एक्सप्रेसवे भारत के लिए एक सेतु” के रूप में सराहा जा रहा है। यह एक्सप्रेसवे तीव्र औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे अग्रणी प्रयासों के बीच एक बेहतरीन संतुलन स्थापित करता है। इस गलियारे की सबसे खास विशेषता इसका 12 किलोमीटर लंबा ‘एलिवेटेड वन्यजीव खंड’ (ऊंचा उठा हुआ वन्यजीव मार्ग) है—जो पूरे एशिया में अपनी तरह के सबसे लंबे मार्गों में से एक है।
ALSO READ: PM मोदी और ट्रंप के बीच फोन पर हुई बातचीत, जानें 40 मिनट की वार्ता में कौन से मुद्दे रहे शामिल?


Download Android App
Download iOS App




