PM Modi recalls Somnath Swabhiman Parv: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार से शुरू हो रहे ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के अवसर पर भारत की सांस्कृतिक अटूटता और संघर्ष की गाथा को याद किया है। उन्होंने कहा कि अटूट आस्था के एक हजार वर्ष का यह अवसर हमें राष्ट्र की एकता के लिए निरंतर प्रयासरत रहने की प्रेरणा देता है।
PM Modi Gujarat Visit: पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा
जय सोमनाथ !
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का आज से शुभारंभ हो रहा है। एक हजार वर्ष पूर्व, जनवरी 1026 में सोमनाथ मंदिर ने अपने इतिहास का पहला आक्रमण झेला था। साल 1026 का आक्रमण और उसके बाद हुए अनेक हमले भी हमारी शाश्वत आस्था को डिगा नहीं सके। बल्कि इनसे भारत की सांस्कृतिक एकता की भावना… pic.twitter.com/dDXCPf1TMM
— Narendra Modi (@narendramodi) January 8, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का आज से शुभारंभ हो रहा है। एक हजार साल पहले जनवरी 1026 में सोमनाथ मंदिर ने अपने इतिहास का पहला आक्रमण झेला था। साल 1026 का आक्रमण और उसके बाद हुए अनेक हमले भी हमारी शाश्वत आस्था को डिगा नहीं सके, बल्कि इनसे भारत की सांस्कृतिक एकता की भावना और सशक्त हुई और सोमनाथ का बार-बार पुनरोद्धार होता रहा।”
PM Modi Somnath Temple Visit: पीएम मोदी ने कुछ तस्वीरें भी शेयर की

इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ की अपनी पिछली यात्राओं की कुछ तस्वीरों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर शेयर किया। उन्होंने देशवासियों से भी अपील की कि अगर वे भी सोमनाथ गए हैं, तो अपनी तस्वीरें ‘हैशटैग सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के साथ जरूर शेयर करें।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर क्या बोले PM Modi
उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का ये अवसर भारत माता के उन असंख्य सपूतों को स्मरण करने का पर्व है, जिन्होंने कभी अपने सिद्धांतों और मूल्यों से समझौता नहीं किया। समय कितना ही कठिन और भयावह क्यों ना रहा हो, उनका संकल्प हमेशा अडिग रहा। हमारी सभ्यता और सांस्कृतिक चेतना के प्रति उनकी निष्ठा अटूट रही। अटूट आस्था के एक हजार वर्ष का ये अवसर हमें राष्ट्र की एकता के लिए निरंतर प्रयासरत रहने की प्रेरणा देता है।”
PM Modi recalls Somnath Swabhiman Parv: 1951 में सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्मित

प्रधानमंत्री मोदी ने 31 अक्टूबर 2001 को सोमनाथ में आयोजित हुए एक कार्यक्रम की कुछ झलकियां भी शेयर कीं। उन्होंने बताया कि यह वो साल था, जब 1951 में पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन के 50 साल पूरे होने का उत्सव मनाया गया था। उन्होंने लिखा, “1951 में वो ऐतिहासिक समारोह तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद की मौजूदगी में संपन्न हुआ था।
सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण में सरदार पटेल और केएम मुंशी जी के साथ ही कई महान विभूतियों के प्रयास अत्यंत उल्लेखनीय रहे हैं। साल 2001 के इस कार्यक्रम में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल जी और गृह मंत्री आडवाणी जी और कई प्रमुख लोग शामिल हुए थे।” उन्होंने अपनी पोस्ट के आखिर में लिखा, “साल 2026 में हम 1951 में हुए भव्य समारोह के 75 वर्ष पूर्ण होने का भी स्मरण कर रहे हैं।”
सोमनाथ मंदिर अटैक की पूरी कहानी
सोमनाथ मंदिर पर आक्रमण की सबसे प्रसिद्ध घटना 1025 ई. में हुई, जब ग़ज़नी के शासक महमूद ग़ज़नवी ने गुजरात के प्रभास पाटन स्थित इस समृद्ध शिव मंदिर पर हमला किया। उस समय सोमनाथ भारत के सबसे धनी और प्रतिष्ठित मंदिरों में से एक था। महमूद ने लूट के उद्देश्य से लंबी यात्रा कर मंदिर को नष्ट किया, शिवलिंग को तोड़ा और अपार धन ग़ज़नी ले गया। इस हमले में हज़ारों श्रद्धालु मारे गए। बाद में कई शासकों ने मंदिर का पुनर्निर्माण कराया। स्वतंत्र भारत में सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रयासों से 1951 में इसका भव्य पुनर्निर्माण हुआ।
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