रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को कहा कि पांच राफेल विमानों के आगमन से भारतीय वायुसेना देश के सामने आने वाली किसी भी चुनौती को दृढ़ता से विफल करनेके लिये तैयार रहेगी। साथ की अंखडता को चुनौती देने की मंशा रखने वालों को इसकी नयी क्षमता से चिंतित होना चाहिये।
सिंह के इस बयान को चीन के लिये एक कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जिसके साथ भारत का पूर्वी लद्दाख में सीमा विवाद चल रहा है। चीन ने अपने क्षेत्र में मुख्य अड्डों के आसपास अचानक लड़ाकू विमानों और अन्य हवाई उपकरणों की तैनाती बढ़ा दी थी।
सिंह ने ट्वीट किया कि राफेल विमानों के भारत आगमन के साथ ही भारतीय सैन्य इतिहास का नया युग शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि इससे वायुसेना को देश के सामने आने वाली किसी भी चुनौती का दृढ़ता से विफल करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, ”जो हमारी कअखंडता को चुनौती देने की मंशा रखते हैं, उन्हें भारतीय वायुसेना की इस नयी क्षमता से चिंतित होना चाहिये।”
भारत ने 36 राफेल विमान खरीदने के लिये चार साल पहले फ्रांस के साथ 59 हजार करोड़ रुपये का करार किया था। इसके तहत पांच राफेल विमान बुधवार दोपहर अंबाला वायुसेना स्टेशन पर पहुंच गए। रक्षा मंत्री ने सिलसिलेवार ट्वीट करते हुए कहा, ”ये विमान प्रदर्शन में माकूल हैं और इनके हथियार भी अचूक हैं।
इनके रडार, सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक युद्धक क्षमता दुनिया भर में सबसे बेहतरीन हैं। राफेल के आने से भारतीय वायु सेना किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार रहेगी।” उन्होंने विमानों की खरीद में वित्तीय गड़बड़ियों के कांग्रेस के आरोपों की ओर इशारा करते हुए कहा, ”वायुसेना की संचालन आवश्यकताओं पर पूरी तरह खरा उतरने के बाद ही राफेल विमान खरीदे गए। इनकी खरीद को लेकर बेबुनियाद आरोपों का पहले ही जवाब दिया जा चुका है।”


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