मुंबई, 7 मई (आईएएनएस)। शिवसेना नेता संजय निरुपम ने एआईएमआईएम नेता वारिस पठान के वंदे मातरम को लेकर दिए बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति भारत के राष्ट्रगीत को गाने से मना करता है, उसे पाकिस्तान भेज देना चाहिए।
मुंबई में आईएएनएस से बातचीत में शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कहा कि जो राष्ट्रगीत नहीं गा सकते, जो विरोध जताते हैं, ऐसे लोगों को न तो फांसी मिलनी चाहिए और न ही उम्रकैद। ऐसे लोगों की नागरिकता रद्द कर देनी चाहिए, उसे भारत से बाहर निकाल कर पाकिस्तान भेज देना चाहिए। ऐसे लोग पाकिस्तान का राष्ट्रगीत गाए और सुखी रहे। ऐसे व्यक्ति को हिंदुस्तान में रहने का कोई अधिकार नहीं है।
बंगाल में सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या मामले में संजय निरुपम ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य चुनावी हिंसा के लिए कुख्यात है। केंद्रीय पुलिस बल और अन्य एजेंसियों की मदद से चुनाव के दौरान हिंसा पर अंकुश लगा, लेकिन नतीजे आने के बाद तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता उत्पात मचाने लगे हैं।
उन्होंने विपक्ष के दमदार नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए को गोली मारकर हत्या किए जाने की निंदा की। निरुपम ने कहा कि यह सामान्य घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित राजनीतिक हिंसा है।
उन्होंने मांग की कि केंद्र की एजेंसियां हिंसा भड़काने वाले तमाम कार्यकर्ताओं को चुन-चुनकर पकड़ें और उन्हें सजा दिलाएं, ताकि पश्चिम बंगाल में शांति स्थापित हो सके। उन्होंने कहा कि सभ्य और लोकतांत्रिक समाज में हिंसा की कोई जगह नहीं है।
शिवसेना नेता ने तमिलनाडु का जिक्र करते हुए कहा कि तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के बाद कोई भी पार्टी स्पष्ट बहुमत हासिल नहीं कर पाई है। सबसे बड़ी पार्टी के रूप में टीवीके उभरी है।
निरुपम ने कहा कि टीवीके ने राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश किया है, लेकिन 118 विधायकों का समर्थन अभी नहीं जुटा पाई है। कांग्रेस के समर्थन के बावजूद बहुमत हासिल करना मुश्किल दिख रहा है।
उन्होंने बताया कि जिन पार्टियों को जनता ने नकार दिया, वे साथ आकर सरकार बनाने की सोच रहे हैं। निरुपम ने कहा कि अगर ऐसा होता है तो यह अनैतिक कदम होगा क्योंकि जनता ने दोनों दलों को नकार दिया है।
उन्होंने टीवीके प्रमुख और मशहूर अभिनेता विजय से भी अपील की कि वे तय करें कि सरकार बनानी है या फिर नए चुनाव करवाने की दिशा में जाना है।
उन्होंने इसे संवैधानिक संकट करार दिया और कहा कि आने वाले दिनों में राज्यपाल का रुख और सरकार गठन की प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होगी। ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर शिवसेना नेता ने भारतीय वायुसेना, थलसेना और नौसेना के वीर जवानों को नमन किया।
उन्होंने कहा कि 88 घंटे तक चले इस अभियान में पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों, एयर बेस और हथियारों की सप्लाई लाइन को पूरी तरह तबाह कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना ने पहलगाम हमले का करारा जवाब दिया था।
–आईएएनएस
डीकेएम/पीएम
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