तेल अवीव, 7 मई (आईएएनएस)। ईरान और अमेरिका के बीच लड़ाई खत्म करने के लिए दोनों तरफ से कूटनीतिक प्रयास किए जा रहे हैं। इस बीच दावा किया जा रहा था कि ईरान के साथ सुलह के लिए अमेरिका की ओर से उठाए जा रहे कदमों से इजरायल हैरत में है। हालांकि, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस तरह के सभी दावों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह पूरा सहयोग सुनिश्चित करने के लिए लगभग रोजाना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संपर्क में हैं।
पीएम नेतन्याहू ने बुधवार (लोकल टाइम) को कहा, “हम अमेरिका में अपने दोस्तों के साथ लगातार संपर्क में हैं। मैं राष्ट्रपति ट्रंप से लगभग रोज बात करता हूं। मेरे लोग और उनके लोग रोज बात करते हैं, आज भी।”
उन्होंने आगे कहा कि आज रात बाद में ट्रंप के साथ उनकी फिर से फोन पर बात करने की योजना है।
नेतन्याहू ने कहा कि ईरान से निपटने के लिए इजरायल हर स्थिति के लिए तैयार है। इजरायल और अमेरिका के लक्ष्य एक जैसे हैं, जिनमें सबसे जरूरी लक्ष्य ईरान से एनरिच्ड मटीरियल को हटाना है।
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली अधिकारियों ने ईरान पर फिर से हमले करने का समर्थन किया है और दावा किया है कि उसकी न्यूक्लियर क्षमता और बैलिस्टिक मिसाइल का स्टॉक अभी भी चिंता का विषय बना हुआ है।
इससे पहले बुधवार को, ट्रंप ने एक नया अल्टीमेटम जारी किया, जिसमें ईरान से कहा गया कि वह युद्ध खत्म करने के लिए एक डील मान ले या फिर बमबारी की एक नई लहर का सामना करे जो पहले से कहीं ज्यादा लेवल और तेजी से होगी।”
ट्रंप ने कहा है कि वाशिंगटन ने ईरान के साथ बातचीत में विकास किया है और सुझाव दिया है कि जल्द ही एक संभावित समझौता हो सकता है। इसके साथ ही उन्होंने जोर देकर कहा कि तेहरान के पास न्यूक्लियर हथियार नहीं हो सकता।
ट्रंप ने बुधवार (लोकल टाइम) को व्हाइट हाउस में रिपोर्टरों से कहा, “वे डील करना चाहते हैं। पिछले 24 घंटों में हमारी बहुत अच्छी बातचीत हुई है और यह बहुत मुमकिन है कि हम एक डील कर लें।”
ट्रंप ने इस बात को खारिज कर दिया कि ईरान अपनी बात पर अड़ा रहा। उन्होंने एक रिपोर्टर से कहा, “अच्छा, आप ऐसा क्यों कहते हैं कि उन्होंने मानने से इनकार कर दिया? आपको यह नहीं पता।”
राष्ट्रपति ने अपनी पुरानी बात दोहराई कि तेहरान को कभी भी न्यूक्लियर हथियार नहीं बनाने चाहिए। ट्रंप ने कहा, “उनके पास न्यूक्लियर हथियार नहीं हो सकते, यह बहुत आसान है।”
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि लड़ाई के दौरान ईरान के मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान हुआ था। उन्होंने कहा, “उनके पास 159 जहाजों वाली नेवी थी और अब हर जहाज टुकड़े-टुकड़े होकर पानी में डूबा हुआ है। उनके पास एयर फोर्स थी, बहुत सारे प्लेन थे और उनके पास कोई प्लेन नहीं है।”
उन्होंने आगे दावा किया कि ईरान के एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम, रडार कैपेबिलिटी और मिसाइल स्टॉक ज्यादातर खत्म हो गए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “उनके सभी नेता मर चुके हैं। इसलिए, मुझे लगता है कि हम जीत गए। डिप्लोमेसी अभी भी मुमकिन है। अगर लड़ाई अभी रुक जाती है तो ईरान को मिलिट्री तौर पर ठीक होने में दशकों लग जाएंगे।”
–आईएएनएस
केके/पीएम
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