कलबुर्गी, 18 मई (आईएएनएस)। कर्नाटक के वन, पर्यावरण और पारिस्थितिकी मंत्री ईश्वर खंड्रे ने सोमवार को कहा कि सरकार कल्याण कर्नाटक क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने के लिए जरूरी कदम उठाएगी। यह क्षेत्र फिलहाल जंगल और पेड़ों की भारी कमी से जूझ रहा है, जिसके कारण यहां मौसम में अनियमितताएं देखने को मिल रही हैं।
चित्तापुर विधानसभा क्षेत्र के कालगी तालुका में मदबूल गांव के पास बने एक नए चिड़ियाघर का उद्घाटन करने के बाद मीडिया से बात करते हुए खंड्रे ने पर्यावरण संरक्षण के बारे में ज्यादा जागरूकता फैलाने की जरूरत पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि कल्याण कर्नाटक क्षेत्र में हरियाली की गंभीर कमी है, जिसके कारण मौसम का संतुलन बिगड़ रहा है। पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर जागरूकता फैलाने की जरूरत है। हम आने वाली केकेआरडीबी की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे और जरूरी फंड जारी करने के लिए कदम उठाएंगे।
खंड्रे ने बताया कि यह नया चिड़ियाघर हम्पी में बने चिड़ियाघर के बाद कल्याण कर्नाटक क्षेत्र का दूसरा सबसे बड़ा चिड़ियाघर है। उन्होंने इस प्रोजेक्ट में खास दिलचस्पी दिखाने के लिए ग्रामीण विकास और आईटी मंत्री प्रियंक खड़गे की सराहना की। मंत्री ने बताया कि यह चिड़ियाघर 42.33 एकड़ जमीन पर 44 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है और उम्मीद है कि यह इस क्षेत्र में पर्यटकों के आकर्षण का एक बड़ा केंद्र बनेगा।
उन्होंने कहा कि यहां जानवरों की 56 अलग-अलग प्रजातियां लाई जाएंगी। बैनरघट्टा नेशनल पार्क से दो बाघों को पहले ही यहां लाया जा चुका है। अभी पर्यटक यहां मगरमच्छ, लोमड़ी और कई अन्य जानवर देख सकते हैं। आने वाले महीनों में जानवरों और पक्षियों की और भी प्रजातियां यहां लाई जाएंगी।
ज्यादा से ज्यादा पौधरोपण करने जरूरत पर जोर देते हुए खंड्रे ने कहा कि इस क्षेत्र में अभी सिर्फ एक से दो प्रतिशत ही हरियाली है और सरकार बड़े पैमाने पर पेड़ लगाने के अभियान चलाकर इसे बेहतर बनाने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि 2026-27 की केकेआरडीबी बैठक में इस क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने के लिए जरूरी फंड जारी करने के संबंध में चर्चा की जाएगी।
वन विभाग में खाली पदों से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए खंड्रे ने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने विभाग के लिए अतिरिक्त पशु चिकित्सकों की भर्ती की अनुमति पहले ही दे दी है और आने वाले दिनों में अन्य जरूरी पदों को भरने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे।
मंत्री ने चेतावनी दी कि जंगल या सरकारी जमीन पर गैर-कानूनी तरीके से पेड़ काटने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि निजी जमीन पर लगे पेड़ों को काटने के लिए छूट उपलब्ध है। जंगल की जमीन पर अतिक्रमण के मामले में उन्होंने कहा कि सरकार ने पूरे राज्य में अतिक्रमण हटाने के अभियान तेज कर दिए हैं।
उन्होंने कहा कि अब तक जंगल की करीब 10,000 एकड़ जमीन से अतिक्रमण हटाया जा चुका है, जिसमें अकेले बेंगलुरु में करीब 200 एकड़ जमीन शामिल है। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में एक एसआईटी बनाने का निर्देश दिया है और जब से मौजूदा सरकार सत्ता में आई है, पूरे राज्य में करीब 11 लाख पौधे लगाए गए हैं और उनमें से लगभग 90 प्रतिशत पौधे जीवित हैं।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे कम से कम पांच साल तक इन पौधों के लिए पर्याप्त पानी और सुरक्षा सुनिश्चित करें। बन्नेरघट्टा नेशनल पार्क से लाए गए बाघों को उचित भोजन और देखभाल दी जाएगी, ताकि वे यहां के मौसम के हिसाब से खुद को ढाल सकें।
उन्होंने कहा कि जानवरों और पक्षियों की बाकी बची सभी पहचानी गई प्रजातियों को अगले तीन महीनों के भीतर चिड़ियाघर में लाए जाने की उम्मीद है।
–आईएएनएस
डीकेएम/पीएम
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