सोशल मीडिया पर दिखा महिला आरक्षण का गुस्सा; बिल पास न होने पर यूजर्स ने राजनीतिक दलों को घेरा, बहस जारी

Summary :

Nari Shakti Vandan Adhiniyam: शुक्रवार को लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पारित न होने का मुद्दा सोशल मीडिया पर जमकर गूंजा और कुछ लोगों ने जहां इस बिल के पारित न होने का ठीकरा कांग्रेस व दूसरे विपक्षी दलों पर फोड़ा, वहीं कुछ लोग विपक्ष के साथ खड़े नजर आए। जैसे ही बिल के पारित न हो पाने की खबर सार्वजनिक हुई सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने खुलकर अपने गुस्से का इजहार किया। इस दौरान सोशल मीडिया पर लगातार महिला विरोधी कांग्रेस ट्रेंड होता रहा। बता दें कि लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन संशोधन…

Nari Shakti Vandan Adhiniyam: शुक्रवार को लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पारित न होने का मुद्दा सोशल मीडिया पर जमकर गूंजा और कुछ लोगों ने जहां इस बिल के पारित न होने का ठीकरा कांग्रेस व दूसरे विपक्षी दलों पर फोड़ा, वहीं कुछ लोग विपक्ष के साथ खड़े नजर आए। जैसे ही बिल के पारित न हो पाने की खबर सार्वजनिक हुई सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने खुलकर अपने गुस्से का इजहार किया। इस दौरान सोशल मीडिया पर लगातार महिला विरोधी कांग्रेस ट्रेंड होता रहा। बता दें कि लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन संशोधन विधेयक पर लंबी और गहन चर्चा के बाद शुक्रवार मतदान प्रक्रिया संपन्न हुई। कुल 528 सांसदों ने वोट डाला, जिसमें 298 सदस्यों ने विधेयक के पक्ष में और 230 ने विपक्ष में मतदान किया। हालांकि, संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत यानी 352 वोट प्राप्त नहीं हो सके। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने घोषणा की कि यह विधेयक आवश्यक समर्थन नहीं जुटा सका, इसलिए आगे की विधायी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जा सकती।

दो खेमों में बंटा सोशल मीडिया महिला

आरक्षण बिल पारित न हो पाने पर सोशल मीडिया भी दो खेमों में बंटा दिखा। एक तरफ जहां बड़ी संख्या में यूजर्स इसके लिए कांग्रेस सहित दूसरे विपक्षी दलों पर हमलावर रहे, वहीं कुछ यूजर विपक्षी दलों के समर्थन में भी दिखे। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स इस बात पर गुस्सा जताते दिखे कि इतने सालों बाद महिलाओं को मिल रहा हक विपक्ष की जिद की भेंट चढ़ गया। वहीं, कुछ लोग विपक्ष के रवैये के साथ खड़े नजर आए और कहा कि सरकार महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन संशोधन विधेयक को पारित कराना चाहती थी। हांलाकि, बड़ी संख्या में लोग इस बिल को पारित किए जाने के पक्ष में नजर आए और उनका कहना था कि महिलाओं के हित का सबसे बड़ा मुद्दा सियासत की भेंट चढ़ गया। इस दौरान सोशल मीडिया पर महिला विरोधी कांग्रेस, एंटी वूमेंस अलायंस, वूमेन रिजर्वेशन बिल जैसे मुद्दे जमकर ट्रेंड हुए।

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।