दिल्ली में NEET पेपर लीक को लेकर हुए प्रदर्शन को लेकर राइट-विंग पॉलिटिकल कमेंटेटर टी जी मोहनदास ने विवादित बयान दिया है। उनके बयान को लेकर FIR भी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि वह जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का रहे युवाओं पर गोलियां चला देते और जब जब वो मर जाते तो उन्हें अस्पताल पहुंचा देते। इसके अलावा उन्होंने प्रदर्शनकारी महिलाओं को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की।
क्या है टी जी मोहनदास का विवादित बयान?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूट्यूब पर शेयर किए गए एक वीडियो में मोहनदास ने कहा कि दिल्ली में छात्रों के आंदोलन के दौरान गैंगरेप और हत्या की घटनाएं हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि “इन रेप के मामलों में कोई शिकायत भी नहीं होगी क्योंकि प्रोटेस्ट में शामिल लोगों को रेप पसंद होते हैं और ऐसी लड़कियों को रेप में मजा आता है।”
इसके अलावा मोहनदास ने प्रोटेस्ट को लेकर वीडियो में कहा कि “अगर मैं इंचार्ज होता, तो जंतर-मंतर के 4 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में कर्फ्यू लगा देता। फिर लाउडस्पीकर पर भीड़ को हटाने की तीन चेतावनियां देता। अगर वे मना करते, तो गोली चलवा देता। भले ही कुछ लोग इधर-उधर मरते, कुछ गंभीर रूप से घायल हो जाते, लेकिन चार घंटे के अंदर स्थिति शांत हो जाती। फिर हम शवों को उठाकर अस्पताल पंहुचा देते।”
मोहनदास के खिलाफ FIR दर्ज

केरल पुलिस की साइबर क्राइम विंग ने बुधवार को मोहनदास के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। उनकी YouTube चैनल ‘पत्रिका’ पर अपलोड किए गए एक वीडियो को लेकर यह कार्रवाई की गई है। इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 192 और 353(1)(b), आईटी एक्ट की धारा 66 और केरल पुलिस एक्ट की धारा 120(o) के तहत FIR दर्ज की है।
मोहनदास के खिलाफ 29 जुलाई को ई-मेल के जरिए शिकायत मिली थी। क्राइम नंबर 95/2026 दर्ज करने से पहले इस शिकायत को स्टेशन पिटीशन रजिस्टर में दर्ज किया गया था।
डर फ़ैलाने के उद्देश्य से वीडियो अपलोड किया गया
मोहनदास को लेकर पुलिस ने आरोप लगाया है कि उन्होंने जंतर-मंतर के प्रोटेस्ट में शामिल लोगों में डर पैदा करने और शांति भंग करने के इरादे से वीडियो अपलोड किया। यह वीडियो 24 और 25 जुलाई को शेयर किया गया था। इसी को लेकर पुलिस ने जांच की और अब उनके खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है।


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