नए विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रंगला ने बुधवार को पदभार ग्रहण करने के बाद कहा कि उनकी प्राथमिकताओं में आतंकवाद व इससे खुले समाज को होने वाले खतरे को लेकर सोच बिल्कुल साफ है। 1984 बैच के भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के अधिकारी श्रंगला ने विजय गोखले की जगह ली है।
विजय गोखले मंगलवार को सेवानिवृत्त हुए। अपनी पिछली तैनाती में श्रंगला अमेरिका में भारत के राजदूत थे। वह फ्रेंच भाषा धाराप्रवाह बोलते हैं। श्रंगला द्वारा जम्मू-कश्मीर राज्य के पुनर्गठन के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के न्यूयॉर्क टाइम्स में छपे विचार को वाकपुटता से गलत ठहराए जाने के बाद वह प्रमुखता से सामने आए थे।
बुधवार को प्रेस को दिए अपने बयान में श्रंगला ने कहा कि वह अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था में भारत के कई साझेदारों के साथ विकासात्मक व आर्थिक संबंधों को बढ़ाने के लिए काम करने के लिए तत्पर हैं। इसके साथ-साथ हमारे पड़ोसियों के साथ संपर्क, सहयोग व साझेदारी बढ़ाने व आतंकवाद व इसके मुक्त समाज के प्रति खतरे को लेकर स्पष्ट दृष्टिकोण रखते हैं।
वैश्विक दक्षिण के देशों के साथ खास तौर से अफ्रीका व लैटिन अमेरिका के दोस्तों के साथ भारत के विकास अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि यह प्राथमिकता के साथ जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय और आईएफएस का प्राथमिक उद्देश्य दुनिया में हमारे देश के हितों को बढ़ाना और भारत के लोगों का देश और विदेश में सेवा करना है। श्रंगला ने कहा कि उनका मिशन बाहरी संबंधों के जरिए देश के सुरक्षा व समृद्धि को बढ़ाना है।


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