केंद्रीय बजट 2026 के सुधारों से कूरियर सेक्टर को मिलेगा बड़ा बढ़ावा, ई-कॉमर्स निर्यातकों को होगा फायदा: उद्योग जगत

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नई दिल्ली, 18 जून (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी में यूनियन बजट 2026 में एक्सप्रेस (कूरियर) सेक्टर के लिए घोषित नीतिगत सुधारों पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान उद्योग जगत, सीमा शुल्क विभाग और व्यापार विशेषज्ञों ने भाग लिया और बजट में घोषित नई व्यवस्थाओं और उनके संभावित प्रभावों पर विस्तार से बात की। इस दौरान, न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशंस (एफआईईओ) के महानिदेशक और सीईओ अजय सहाय ने कहा कि बजट 2026 में कूरियर आयात-निर्यात नियमों में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पहले ई-कॉमर्स के जरिए कूरियर और डाक…

नई दिल्ली, 18 जून (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी में यूनियन बजट 2026 में एक्सप्रेस (कूरियर) सेक्टर के लिए घोषित नीतिगत सुधारों पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान उद्योग जगत, सीमा शुल्क विभाग और व्यापार विशेषज्ञों ने भाग लिया और बजट में घोषित नई व्यवस्थाओं और उनके संभावित प्रभावों पर विस्तार से बात की।

इस दौरान, न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशंस (एफआईईओ) के महानिदेशक और सीईओ अजय सहाय ने कहा कि बजट 2026 में कूरियर आयात-निर्यात नियमों में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पहले ई-कॉमर्स के जरिए कूरियर और डाक माध्यम से होने वाले निर्यात पर 10 लाख रुपए की मूल्य सीमा लागू थी, लेकिन अब सरकार ने इस सीमा को समाप्त कर दिया है।

उन्होंने कहा कि इस फैसले से भारतीय निर्यातकों को काफी फायदा होगा, खासकर उन कंपनियों को जो उच्च मूल्य वाले उत्पादों का निर्यात करती हैं। इससे भारतीय उत्पादों की वैश्विक बाजारों तक पहुंच और अधिक मजबूत होगी।

वहीं, ईआईसीआई के सीईओ विजय कुमार ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि बजट में घोषित सुधारों का मुख्य उद्देश्य कारोबार को आसान बनाना है। उन्होंने बताया कि उच्च मूल्य वाले उत्पादों के निर्यात पर लगी सीमा हटाने से निर्यातकों को कूरियर माध्यम से बड़े मूल्य की शिपमेंट भेजने में सुविधा मिलेगी।

इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय गंतव्य पर अस्वीकार होने वाली खेपों (रिटर्न-टू-ओरिजिन – आरटीओ) को वापस लाने की प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है। उनका मानना है कि ये सुधार व्यापार जगत के सामने आने वाली कई चुनौतियों को कम करेंगे और निर्यात गतिविधियों को नई गति देंगे।

इसके अलावा, केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के सदस्य योगेंद्र गर्ग ने न्यूज एजेंसी से कहा कि सरकार विभिन्न क्षेत्रों में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि एक्सप्रेस और कूरियर उद्योग की सबसे बड़ी चुनौतियों में मूल्य सीमा और रिटर्न-टू-ओरिजिन जैसी सुविधाओं का अभाव शामिल था।

उन्होंने कहा कि सरकार ने इन बाधाओं को दूर करने के लिए आवश्यक सुधार किए हैं, जिससे कूरियर और एक्सप्रेस लॉजिस्टिक्स उद्योग को अधिक तेज, सरल और प्रतिस्पर्धी बनाया जा सकेगा।

इसके साथ ही, दिल्ली के एयर कार्गो के कमिश्नर योगेंद्र सिंह ने कहा कि इस बार के केंद्रीय बजट में व्यापार और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के लिए कई सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं। इन्हीं सुधारों की जानकारी उद्योग जगत तक पहुंचाने के उद्देश्य से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किए गए बदलावों से व्यापार प्रक्रियाएं अधिक सरल और प्रभावी बनेंगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि बजट 2026 में किए गए ये सुधार भारतीय निर्यातकों, ई-कॉमर्स कंपनियों और लॉजिस्टिक्स उद्योग के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे। मूल्य सीमा हटने और प्रक्रियाओं के सरलीकरण से भारतीय उत्पादों की वैश्विक बाजारों में पहुंच बढ़ेगी, जबकि व्यापार करने में आसानी आने से देश के निर्यात को भी नया बल मिलेगा।

–आईएएनएस

डीबीपी

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