US India Trade Deal Benefits: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से भारत के कई सेक्टर रॉकेट बनने वाले है। वहीं सरकार ने बताया कि भारत को 2030 तक 100 अरब डॉलर के वस्त्र निर्यात के अपने निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है। वस्त्र मंत्रालय के अनुसार, इस समझौते से अपेक्षित गति मिलने की उम्मीद है, जिसमें अमेरिका इस लक्ष्य के एक-पांचवें से अधिक का योगदान देगा। भारत और अमेरिका के बीच हुए ऐतिहासिक समझौते का स्वागत करते हुए इसे दोनों देशों के बीच कपड़ा व्यापार संबंधों को बढ़ावा देने वाला एक प्रमुख होगा।
US India Trade Deal Benefits

वस्त्र निर्यात के लिए, इस समझौते से वस्त्र, परिधान और तैयार माल के 118 अरब डॉलर के अमेरिकी वैश्विक आयात बाजार के द्वार खुल गए हैं। अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यात स्थल है, जहां लगभग 10.5 अरब डॉलर का निर्यात होता है, जिसमें लगभग 70 प्रतिशत परिधान और 15 प्रतिशत तैयार माल शामिल है, इसलिए यह एक बड़ा अवसर है। परिधान और तैयार वस्त्रों सहित सभी वस्त्र उत्पादों पर 18 प्रतिशत का पारस्परिक शुल्क न केवल भारतीय निर्यातकों को होने वाली हानि को दूर करेगा, बल्कि उन्हें बांग्लादेश (20 प्रतिशत), चीन (30 प्रतिशत), पाकिस्तान (19 प्रतिशत) और वियतनाम (20 प्रतिशत) जैसे अधिकांश प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बेहतर स्थिति में रखेगा, जिनके पारस्परिक शुल्क अधिक हैं।
India America Relation

इस समझौते को एक व्यापक भू-राजनीतिक गठबंधन के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है, अमेरिका के साथ घनिष्ठ आर्थिक संबंध प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, डेटा केंद्रों और सेमीकंडक्टर में निवेश और आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती पर सहयोग को बढ़ावा दे सकते हैं ये ऐसे क्षेत्र हैं जिन्हें भारत ने अपनी औद्योगिक रणनीति में प्राथमिकता दी है। इससे बाजार की गतिशीलता में बदलाव आएगा क्योंकि बड़े खरीदार इस समझौते के आलोक में निश्चित रूप से अपनी सोर्सिंग पर पुनर्विचार करेंगे।”
ALSO READ: भारत-अमेरिका समझौते के बाद PM मोदी का बड़ा बयान: ‘मेक इन इंडिया’ को मिलेगी नई ताकत






















