कटरा, 26 जून (आईएएनएस)। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और उधमपुर-रियासी रेंज के डीआईजी शिव कुमार शर्मा ने शुक्रवार को तीर्थयात्रियों की संख्या में संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए कटरा और भवन के रास्ते में सुरक्षा और ऑपरेशनल तैयारियों का जायजा लेने और उन्हें मजबूत करने के लिए एक उच्चस्तरीय संयुक्त सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, ताकि श्री माता वैष्णो देवी यात्रा सुचारू, सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
बैठक में एसएसपी रियासी, एसपी कटरा, एसडीपीओ कटरा, डिप्टी सीएपी भवन, सेना, सीआरपीएफ, इंटेलिजेंस ब्यूरो, सीआईडी, रेलवे, ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक के दौरान एसएसपी रियासी ने कटरा शहर, यात्रा मार्ग और पवित्र मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था पर एक व्यापक सुरक्षा ग्रिड और विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। रास्ते में तैनाती, सीसीटीवी निगरानी तंत्र, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली और संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय सहित सभी मौजूदा सुरक्षा उपायों की गहन समीक्षा की गई।
कटरा शहर, यात्रा मार्ग और पवित्र मंदिर के आसपास के सभी पहाड़ी इलाकों, ऊंची चोटियों और संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया।
डीआईजी ने प्रभावी क्षेत्र नियंत्रण सुनिश्चित करने और सुरक्षा में किसी भी तरह की चूक को रोकने के लिए ऊंची जगहों और संवेदनशील बिंदुओं पर कर्मियों की कड़ी निगरानी और रणनीतिक तैनाती के निर्देश दिए। तीर्थयात्रियों के लिए पर्याप्त सुरक्षा घेरा और सुरक्षित रास्ता सुनिश्चित करने के लिए कटरा से भवन तक पूरे मार्ग पर तैनाती की योजना की भी समीक्षा की गई।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए डीआईजी ने रैंडम चेकपॉइंट बनाने और वाहनों की सघन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की ओर से चौबीसों घंटे संयुक्त लंबी दूरी की गश्त, पैदल गश्त बढ़ाने, नियमित क्षेत्र नियंत्रण अभ्यास, विलेज डिफेंस गार्ड्स को सक्रिय करने और संवेदनशील क्षेत्रों की निरंतर निगरानी पर भी जोर दिया।
बैठक में तीर्थयात्रियों की व्यवस्थित आवाजाही को सुविधाजनक बनाने और तोड़फोड़ की कोशिशों, भगदड़ या अन्य आपातकालीन स्थितियों जैसी किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भीड़ प्रबंधन उपायों पर भी व्यापक रूप से ध्यान केंद्रित किया गया।
डीआईजी ने सभी संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे पवित्र तीर्थस्थल की यात्रा करने वाले यात्रियों की सुरक्षित और बिना किसी परेशानी के आवाजाही के लिए पर्याप्त मैनपावर, इमरजेंसी रेस्पॉन्स टीमें, कम्युनिकेशन सिस्टम, मेडिकल सहायता और अन्य जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करें।
होटल, लॉज, गेस्ट हाउस, होमस्टे और ठहरने की अन्य सुविधाओं के नियमित निरीक्षण और वेरिफिकेशन पर भी जोर दिया गया।
डीआईजी ने किसी भी नई चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल, इंटेलिजेंस शेयरिंग और तेजी से कार्रवाई करने वाले सिस्टम के महत्व पर जोर दिया।
बैठक का समापन सभी शामिल एजेंसियों के इस सामूहिक संकल्प के साथ हुआ कि वे श्री माता वैष्णो देवी के पवित्र तीर्थस्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, शांतिपूर्ण और श्रद्धालु-अनुकूल माहौल सुनिश्चित करेंगे।
–आईएएनएस
डीकेएम/वीसी
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