नई दिल्ली, 22 अगस्त (आईएएनएस)। वंदे मातरम को लेकर देश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर राष्ट्रीय गीत को राजनीतिक मुद्दा बनाने और इसके जरिए महंगाई, बेरोजगारी जैसे बुनियादी सवालों से जनता का ध्यान भटकाने का आरोप लगाया है। वहीं, बिहार के मंत्री श्रवण कुमार ने राष्ट्रीय गीत पर आपत्ति या टिप्पणी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
दिल्ली में कांग्रेस नेता हरीश रावत ने कहा कि भाजपा वंदे मातरम को चाहे जिस रूप में पेश करे, कांग्रेस खुद को इस गीत से अलग नहीं कर सकती। यह गीत भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास से जुड़ा हुआ है और इसे महात्मा गांधी के आशीर्वाद के साथ गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर और स्वतंत्रता सेनानियों ने गाया था। रावत ने सवाल किया कि कांग्रेस इस गीत से खुद को अलग करने की हिम्मत कैसे कर सकती है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि क्या भाजपा भी ऐसा करने की हिम्मत कर सकती है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीति लोगों को जोड़ने की है, जबकि भाजपा विभाजन की राजनीति करने का काम करती है। रावत ने आगे कहा कि भाजपा इसे किस राजनीतिक रूप में पेश करना चाहती है, यह उसका अपना नजरिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा वंदे मातरम को मुद्दा बनाने की कोशिश इसलिए कर रही है क्योंकि देश की नई पीढ़ी लगातार महंगाई और बेरोजगारी जैसे सवाल उठा रही है। युवा अपने भविष्य और रोजगार को लेकर सवाल कर रहे हैं। जब जनता और युवा इन बुनियादी मुद्दों पर जवाब मांगते हैं, तो उनका ध्यान हटाने के लिए भावनात्मक मुद्दों को सामने लाने की कोशिश की जाती है।
उन्होंने वंदे मातरम को एक सम्मानित गीत बताते हुए कहा कि इसने स्वतंत्रता सेनानियों को देश की आजादी के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा दी। रावत ने यह भी कहा कि इस गीत का कांग्रेस के इतिहास से गहरा संबंध है और कांग्रेस के अधिवेशनों में लंबे समय से ‘वंदे मातरम’ गाने की परंपरा रही है।
पुणे में कांग्रेस नेता माणिकराव ठाकरे ने भी वंदे मातरम को लेकर चल रही बहस पर भाजपा को घेरा। उन्होंने कहा कि इस तरह का विवाद नहीं होना चाहिए। कांग्रेस लंबे समय से जिन गीतों को गाती आ रही है, उन्हीं परंपराओं को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू और डॉ. भीमराव अंबेडकर का जिक्र करते हुए कहा कि इन नेताओं के दौर में भी जिन गीतों का सार्वजनिक और राष्ट्रीय जीवन में महत्व रहा, कांग्रेस उन्हीं गीतों को गा रही है। ठाकरे ने आरोप लगाया कि यह सब राजनीतिक कारणों से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश में मौजूदा परिस्थितियां सरकार के खिलाफ हैं और ऐसे में लोगों का ध्यान वास्तविक मुद्दों से हटाने के लिए इस तरह के विषयों को उठाया जा रहा है।
वहीं, बिहार सरकार में मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति राष्ट्रीय गीत के खिलाफ टिप्पणी करता है, उसकी आलोचना करता है या राष्ट्रीय गीत पर आपत्ति जताता है, तो यह गंभीर विषय है। श्रवण कुमार ने कहा कि उनके विचार से ऐसे लोगों के मन में देश के प्रति सम्मान नहीं है और राष्ट्र के प्रति उनकी भावना पर सवाल उठता है। उन्होंने राष्ट्रीय गीत के सम्मान को जरूरी बताते हुए कहा कि इसके खिलाफ आवाज उठाने वालों के खिलाफ कदम उठाया जाना चाहिए।
बिहार के मंत्री ने यह भी मांग की कि ऐसे मामलों में कानून बनाकर कार्रवाई का प्रावधान किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, राष्ट्रीय गीत को लेकर किसी भी तरह की आपत्ति या टिप्पणी को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।
–आईएएनएस
पीएसके
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