कौन हैं Monika Kapoor? जिसे अमेरिका में किया गया गिरफ्तार, अब भारत लाने की तैयारी

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Monika Kapoor: CBI को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। करीब 26 साल से फरार चल रही आरोपी मोनिका कपूर को अमेरिका से गिरफ्तार किया गया है। अब ऐसे में खबर है कि दो दशकों से फरार चल रही मोनिका को अमेरिका से भारत लाया जाएगा। यह कार्रवाई 9 जुलाई 2025 को हुई है। मोनिका कपूर 2002 के एक आयात-निर्यात धोखाधड़ी मामले में मुख्य आरोपी थी। आज भारत आएगी मोनिका बता दें कि CBI ने आर्थिक अपराधी मोनिका कपूर (Monika Kapoor) को अमेरिका में अपनी कस्टडी ले लिया है। सीबीआई आज मोनिका को लेकर भारत पहुंचेगी। मोनिका को गिरफ्तारी के…

Monika Kapoor: CBI को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। करीब 26 साल से फरार चल रही आरोपी मोनिका कपूर को अमेरिका से गिरफ्तार किया गया है। अब ऐसे में खबर है कि दो दशकों से फरार चल रही मोनिका को अमेरिका से भारत लाया जाएगा। यह कार्रवाई 9 जुलाई 2025 को हुई है। मोनिका कपूर 2002 के एक आयात-निर्यात धोखाधड़ी मामले में मुख्य आरोपी थी।

आज भारत आएगी मोनिका

बता दें कि CBI ने आर्थिक अपराधी मोनिका कपूर (Monika Kapoor) को अमेरिका में अपनी कस्टडी ले लिया है। सीबीआई आज मोनिका को लेकर भारत पहुंचेगी। मोनिका को गिरफ्तारी के लिए अमेरिकी अदालत से हरी झंडी
मिली है। मोनिका के ऊपर 16 फर्जी लाइसेंस से करोड़ों की हेरा-फेरी का मामला है।

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क्या है आरोप?

20 साल से अधिक पुराना मामला अब सुर्ख़ियों में हैं। मोनिका कपूर (Monika Kapoor) नाम की इस महिला पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए आयात-निर्यात में करोड़ों रुपये का घोटाला करने का आरोप है। दिल्ली की एक अदालत ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था और अब उसे ‘घोषित अपराधी’ घोषित कर दिया गया है।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला वर्ष 1999 का है। आरोप है कि मोनिका कपूर (Monika Kapoor) और उनके दो भाइयों राजन और राजीव खन्ना ने मिलकर फर्जी निर्यात दस्तावेज तैयार किए। इन फर्जी कागजों की मदद से उन्होंने भारत सरकार से 16 ‘रिप्लेनिशमेंट लाइसेंस’ हासिल किए। इनमें से 14 लाइसेंस उन्होंने किसी दूसरी कंपनी को बेच दिए, जिसने बिना किसी कस्टम ड्यूटी के इनका इस्तेमाल सोने के आयात के लिए किया। इस धोखाधड़ी से भारत सरकार को लगभग 6.8 लाख डॉलर यानी लगभग 5.5 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

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Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।