चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमा पर पुख्ता इंतजाम करने के लिए सरकार 15 नई बटालियन तैयार कर रही है। आपको बता दे कि बीएसएफ में 6 और आईटीबीपी में 9 नई बटालियनों को बनाने पर ‘सक्रियता से विचार’ हो रहा है। इनमें से हर बटैलियन में करीब 1,000 ऑपरेशनल जवान और अफसर शामिल होते हैं। सूत्रों के मुताबिक सीमाओं पर मैनपावर को बढ़ाने के लिए सरकार ने पूरी रणनीति भी बना ली है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह सीमा सुरक्षा बल( बीएसएफ) में छह बटालियन और भारत- तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) बल में नौ बटालियन गठित करने पर सक्रियता से विचार कर रही है।
इन बलों के प्रत्येक बटालियन में करीब 1000 ऑपरेशनल जवान और अधिकारी होते हैं। बीएसएफ में मौजूद सूत्रों ने बताया कि बल की योजना नयी इकाई को मंजूरी देकर मानव बल को बढ़ाने की है, ताकि उन्हें बांग्लादेश से लगी देश की सीमा पर असम और पश्चिम बंगाल में तैनात किया जा सके। वहीं, भारत – पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा, खासतौर पर पंजाब और जम्मू क्षेत्रों में सीमा की प्रभावी ढंग से पहरेदारी के लिए भी कर्मियों की जरूरत है।
बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नयी बटालियनों के गठन के बाद उनके लिए सटीक स्थान का आकलन किया जा सकता है लेकिन बांग्लादेश और पाकिस्तान से लगे कुछ इलाके प्राथमिकता में बने रहेंगे क्योंकि वे घुसपैठ, मादक पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी और अवैध प्रवास के लिए सुभेद्य हैं।
आईटीबीपी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आईटीबीपी के लिए मूल योजना 12 नयी बटालियन गठित करने की है लेकिन बल को निकट भविष्य में ऐसी नौ ईकाइयों की जरूरत है। ’’ वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीनी सेना के साथ अक्सर होने वाली तकरार को आईटीबीपी की संख्या बढ़ाने की मुख्य वजह के तौर पर देखा जा रहा है।
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