जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को सोमवार को पुलवामा हमले की बरसी पर सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर श्रीनगर में उनके आवास से बाहर निकलने से रोक दिया गया, जिसे लेकर उन्होंने कड़ा विरोध दर्ज कराया। नेशनल कॉन्फ्रेंस से जुड़े सूत्रों ने बताया कि फारूक अब्दुल्ला को सड़क मार्ग से जम्मू की यात्रा पर निकलना था, जो लगभग 300 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
सूत्रों के मुताबिक, संबंधित अधिकारियों को पांच दिन पहले ही इस यात्रा कार्यक्रम की जानकारी दी गई थी, लेकिन उन्होंने फारूक अब्दुल्ला को उनके घर से बाहर निकलने से रोक दिया।
श्रीनगर के मौजूदा लोकसभा सांसद हैं
तीन बार जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री रह चुके फारूक अब्दुल्ला नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और श्रीनगर के मौजूदा लोकसभा सांसद हैं। सूत्रों ने बताया कि फारूक अब्दुल्ला दोपहर में अपने घर से बाहर निकलने में कामयाब रहे और एक राहगीर के साथ कुछ दूरी तक यात्रा भी की, लेकिन सुरक्षा दल के समझाने के बाद वह पुलिस वाहन से घर लौट गए।
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पुलिस अधिकारियों ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि पुलवामा हमले की बरसी के दिन वीआईपी आवाजाही की अनुमति न देने का निर्देश होता है। वर्ष 2019 में आज ही के दिन जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकी ने विस्फोटकों से लदी अपनी कार से सुरक्षाबलों को ले जा रही बस में टक्कर मार दी थी। इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे।


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