J&K : वर्ष 2006 में हुई फर्जी मुठभेड़ मामले में कोर्ट ने पुलिस वाले की जमानत की खारिज

जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले की एक अदालत ने शुक्रवार को 2006 के फर्जी मुठभेड़ मामले में आरोपी फारूक अहमद गुड्डू की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

ये मामला जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले का है एक अदालत ने वर्ष 2006 में हुई फर्जी मुठभेड़ के मामले में शुक्रवार को आरोपी फारूक अहमद गुड्डू की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
प्रधान सत्र न्यायाधीश अमित शर्मा ने जमानत अर्जी को खारिज करते हुए कहा कि मुकदमे के इस स्तर पर चिकित्सा आधार पर या अन्य आधार पर जमानत की कोई भी रियायत निश्चित रूप से आपराधिक न्याय प्रणाली की वर्तमान स्थिति में आम आदमी को विचलित कर सकती है।
आरोपी जम्मू-कश्मीर पुलिस में सहायक उप निरीक्षक के रूप में कार्यरत था जब उसे 2006 में फर्जी मुठभेड़ मामले में गिरफ्तार किया गया था। उस पर हत्या, अपहरण, आपराधिक साजिश और सबूतों मिटाने को लेकर वर्ष 2006 में सुंबल बांदीपोरा पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उसने चिकित्सा आधार पर जमानत की मांग की थी।
इस मामले में एएसआई गुड्डू के अलावा, आरोपियों में पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एचआर परिहार, उप पुलिस अधीक्षक बहादुर राम और पुलिस ड्राइवर फारूक अहमद पादरू शामिल हैं।
इससे पहले अभियुक्त ने जमानत अर्जी के साथ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। अदालत ने याचिकाकर्ता को जमानत के लिए ट्रायल कोर्ट का दरवाजा खटखटाने तथा गुण-दोष और कानून के अनुसार आवेदन पर फैसला करने का निर्देश दिया था।
याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि प्रधान सत्र जम्मू की अदालत ने पहले ही आरोपी को दो अन्य प्राथमिकी में जमानत दे दी है और वह वर्तमान प्राथमिकी में हिरासत में है। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्राथमिकी में हिरासत में लिए जाने के कारण प्रधान सत्र जम्मू की अदालत द्वारा अल्पावधि के लिए दी गई जमानत का प्रयोग नहीं किया गया है।

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