उमर अब्दुल्ला ने हरियाणा के CM खट्टर के बयान की निंदा की, कहा- एक धर्म विशेष को निशाना बनाया जा रहा

उमर अब्दुल्ला ने रविवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के उस बयान की निंदा की कि खुले में ‘नमाज’ पढ़ने को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने रविवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के उस बयान की निंदा की कि खुले में ‘नमाज’ पढ़ने को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब्दुल्ला ने कहा कि यह निर्णय गलत है और इसका मतलब साफ है कि एक धर्म विशेष को निशाना बनाया जा रहा है। 
मैं इसे स्वीकार कर लेता अगर यह प्रतिबंध हर धर्म पर लागू होता  
उन्होंने कहा कि देश में किसी भी धर्म को मानने की पूरी स्वतंत्रता है। अब्दुल्ला ने दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में एक पार्टी कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘हरियाणा के मुख्यमंत्री का बयान और उनका निर्णय पूरी तरह गलत है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं इसे स्वीकार कर लेता अगर यह प्रतिबंध हर धर्म पर लागू होता लेकिन इस बयान से स्पष्ट है कि एक धर्म विशेष को निशाना बनाया गया है, जिसकी देश के संविधान में अनुमति नहीं है।’’ 
यह वह भारत नहीं है जिसमें जम्मू-कश्मीर का विलय हुआ था 
अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘यह वह भारत नहीं है’’ जिसमें जम्मू-कश्मीर का विलय हुआ था। उन्होंने कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर धर्मनिरपेक्ष, सहिष्णु भारत में शामिल हुआ था। यह (खट्टर का) बयान काफी निंदनीय है।’’ यह पूछने पर कि क्या गुपकर गठबंधन (पीएजीडी) एकजुट है, तो अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘यह एकजुट है और अपना संघर्ष जारी रखेगा।’’ 

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खुले में नमाज पढ़ने की प्रथा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा-मनोहर लाल खट्टर  
आपको बता दें कि इससे पहले हरियाणा के गुरुग्राम में कई हफ्तों से खुले में होने वाली जुमे की नमाज़ का विरोध हो रहा है। इस बीच बीते रोज़ सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि खुले में नमाज पढ़ने की प्रथा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीएम खट्टर ने कहा कि जिला प्रशासन के खुले स्थानों पर नमाज के लिए कुछ स्थानों को आरक्षित करने का पूर्व निर्णय वापस ले लिया गया है और राज्य सरकार अब इस मुद्दे का सौहार्दपूर्ण समाधान निकालेगी। 
मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम में खुले स्थानों पर नमाज अदा करने पर कई दक्षिणपंथी संगठनों द्वारा उठाई गई आपत्तियों को लेकर एक सवाल के जवाब में गुरुग्राम में कहा, ‘‘यहां (गुरुग्राम) खुले में नमाज पढ़ने की प्रथा बर्दाश्त नहीं की जाएगी…लेकिन हम सौहार्दपूर्ण समाधान निकालेंगे।’’ 
हमने पुलिस और उपायुक्त से कहा है कि इस मुद्दे को सुलझाया जाए.. 
खट्टर ने कहा, ‘‘सभी को (प्रार्थना करने के लिए) सुविधा मिलनी चाहिए लेकिन किसी को भी दूसरों के अधिकारों का उल्लंघन नहीं करना चाहिए। इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी।” खुले स्थानों पर नमाज के लिए कुछ स्थान निर्धारित करने के जिला प्रशासन के फैसले को वापस लेने पर उन्होंने कहा, “हमने पुलिस और उपायुक्त से कहा है कि इस मुद्दे को सुलझाया जाए…अगर कोई नमाज अदा करता है, किसी के स्थान पर पाठ करता है तो हम उस पर कोई आपत्ति नहीं है।’’

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