जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान को शामिल किए बगैर जम्मू-कश्मीर में शांति संभव नहीं है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सरकार से कड़ा रुख का परित्याग कर आतंक प्रभावित राज्य की समस्याओं के समाधान के लिए लचीला रुख अपनाने को कहा।
लोकसभा में लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के दौरान परिचर्चा में हिस्सा लेते हुए फारूक अब्दुल्ला ने कहा, ‘मेरी बात आपको भले ही पंसद न हो लेकिन जम्मू-कश्मीर में तब तक शांति नहीं होगी जब तक हम पाकिस्तान के साथ समझौता नहीं करेंगे।’
उन्होंने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से काफी उम्मीद थी कि वह अटल बिहारी वाजपेयी जो नहीं कर पाए वह मोदी कर पाएंगे और पाकिस्तान से शांति समझौता करेंगे।
फारूक ने कहा कि परमाणु बम बनाने वाला देश उत्तर कोरिया ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ शांति समझौता किया। शांति स्थापित करने के लिए ट्रंप और पुतिन एक दूसरे से मिल रहे हैं।


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