सुप्रीम कोर्ट ने 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले के पीछे के कथित बड़े षड्यंत्र की जांच की मांग करने वाली जनहित याचिका सोमवार को खारिज कर दी। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ वकील विनीत धांडा की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। धांडा ने हमले के पीछे के व्यापक षड्यंत्र की जांच का अनुरोध किया था।
हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए हैं। जनहित याचिका में कहा गया है कि हमले में करीब 370 किलोग्राम आरडीएक्स का उपयोग हुआ था और इसकी विस्तृत जांच किए जाने की जरूरत है। आपको बता दें कि 14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले में 40 सेना के जवान शहीद हो गए थे।
इस हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी। हमले के बाद से ही पूरे देश में पाकिस्तान को लेकर गुस्सा मौजूद है। देश के हर कोने में पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी की जा रही है। इसके साथ ही भारत सरकार ने भी बड़ा फैसला लेते हुए जम्मू कश्मीर में अलगावादी और हुर्रियत नेताओं को दी गई सुरक्षा को वापस ले लिया गया है।
पुलवामा हमले के बाद से भारत ने पाकिस्तान से एमएफएन स्टेटस (Most favorite nation ) का दर्जा भी छीन लिया गया। हमले के बाद से ही सरकार पूरे एक्शन में है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, पाकिस्तान जल्द से जल्द आतंकवादी गतिविधियां रोके नहीं तो हम चाहें जितना पैसा लगा उतना लगाकर पाकिस्तान में जाने वाले पानी को रोक देंगे, जिसका जिम्मेदार खुद पाकितान होगा।
गौरतलब है की केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी नेकहा था कि पाकिस्तान का पानी रोककर यमुना में लाया जाएगा। इसके लिए भारत के अधिकार वाली तीन नदियों के लिए प्रोजेक्ट तैयार कर लिया गया है। दिल्ली-आगरा से इटावा तक जलमार्ग की डीपीआर भी तैयार हो चुकी है।


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