श्रीनगर में लाल चौक पर दिवाली की बाद भीड़ देखी गई क्योंकि वहां कुछ दुकानें दोपहर तक खुली रहीं और शहर के विभिन्न हिस्सों से लोग खरीददारी करने पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि शहर के अन्य इलाकों में भी दोपहर तक कुछ दुकानें खुली रहीं और लोगों ने जरूरत का सामान खरीदा। उन्होंने बताया कि दुकानों में लोगों की भीड़ नजर आई। कई इलाकों में निजी वाहनों की संख्या बढ़ने की वजह से ट्रैफिक जाम की समस्या भी नजर आई।
घाटी के कुछ हिस्सों में ऑटो रिक्शा और कुछ अंतरजिला कैब चलीं लेकिन सार्वजनिक परिवहन के अन्य वाहन नजर नहीं आए। स्कूलों को खोलने के राज्य सरकार के प्रयास असफल रहे क्योंकि सुरक्षा संबंधी चिंता के चलते अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा। हालांकि अधिकारी सभी बोर्ड परीक्षाएं समय पर कराने के प्रयास कर रहे हैं। घाटी में लैंडलाइन और पोस्टपेड मोबाइल फोन सेवाएं बहाल की जा चुकी हैं लेकिन सभी इंटरनेट सेवाएं पांच अगस्त के बाद से निलंबित ही हैं।
केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान पांच अगस्त को हटा लिए थे और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने का ऐलान किया था। ज्यादातर शीर्ष स्तर के अलगाववादी नेताओं को एहतियात के तौर पर हिरासत में ले लिया गया है जबकि दो पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती समेत मुख्यधारा के नेताओं को या तो हिरासत में लिया गया है या नजरबंद कर रखा गया है।
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अन्य पूर्व मुख्यमंत्री एवं श्रीनगर से लोकसभा के मौजूदा सांसद फारुक अब्दुल्ला को विवादित लोक सुरक्षा कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है। यह कानून फारुक के पिता एवं नेशनल कॉन्फ्रेंस के संस्थापक शेख अब्दुल्ला ने 1978 में लागू किया था जब वह मुख्यमंत्री थे।


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