केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज कहा कि पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है और हमें तोड़ने की कोशिश करता रहता है लेकिन जम्मू कश्मीर के हालात में काफी सुधार हुआ है। राजनाथ सिंह ने कहा, पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। हमें तोडने की कोशिश करता रहता है लेकिन हमारी सेना, अर्धसैनिक बल, जम्मू कश्मीर पुलिस और खुफिया एजेंसियों के बीच बहुत बढय़रा समन्वय है।
उन्होंने साथ ही कहा कि जम्मू कश्मीर के बारे में जो हम जानते हैं कि और बताया कि 1995 में 86 हजार (आतंकी) घटनाएं हुई थीं लेकिन पिछले एक साल में इस समय ऐसी घटनाओं की संख्या 300 के आसपास हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि जम्मू कश्मीर के हालात में काफी सुधार हुआ है। हमने हुर्रियत नेताओं सहित सबसे बात करने के लिए एक विशेष प्रतिनिधि नियुक्त किया है। वह (प्रतिनिधि) सबसे बात करेंगे और समस्या को दूर करने के लिए उठाये जाने वाले जरूरी कदमों से जुड़ सुझाव देंगे।
जम्मू कश्मीर के बारे में एक अन्य सवाल के जवाब में गृह मंत्री ने कहा कि जब हम सरकार में बने रहते हैं तो जनता से सीधा संवाद होता है और हम समस्याओं के हल की दिशा में काम कर रहे हैं। कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास पर सिंह ने कहा कि हर कोई चाहता है कि पुनर्वास हो। दिवंगत मुख्यमंत्री मुफ्ती मुहम्मद सईद से भी इस बारे में बात हुई थी और उन्होंने सहमति भी दी थी।
गृह मंत्री ने कहा कि बाद में वहां गडबडी के कारण मामला रूका हुआ है। मौजूदा मुख्यमंत्री से बात होती रहती है ओर उन्होंने वादा किया है कि पुनर्वास के लिए प्रभावी कदम उठाये जाएंगे। उन्होंने कहा कि हम कश्मीर की समस्या का समाधान वहां के लोगों को विश्वास में लेकर करना चाहते हैं। लखनरू से सांसद सिंह ने कहा कि सरकार का गरीबी और बेरोजगारी मिटाने का संकल्प है। कौशल विकास कार्यक्रम के जरिए हम एक करोड़ नौजवानों को रोजगार देंगे।
उन्होंने कहा कि हो सकता है तात्कालिक प्रभाव नहीं दिख रहे हों लेकिन कठोर फैसलों से दीर्घकालिक फायदा तो होता है। हम सबका साथ सबका विकास चाहते हैं। कट्टरपंथ के बारे में सिंह ने कहा कि इसमें कमी आई है। इसका श्रेय हिन्दुस्तान में इस्लाम को मानने वालों को दिया जाना चाहिए। नक्सलवाद और उग्रवाद में कमी तथा 2022 तक इन्हें समाप्त करने का दावा करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल सहित अर्धसैनिक बलों को अत्याधुनिक हथियार एवं प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हमने लोगों तक पहुंचने की कोशिश की है। संवाद स्थापित किया है। हम लोगों को विकास की प्रक्रिया में जोड़ रहे हैं। दिल्ली में धुंध के सवाल पर केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हम प्रदूषण मुक्त दिल्ली चाहते हैं और दिल्ली सरकार इस बारे में जो भी कदम उठाएगी, हम उसमें सहयोग करेंगे।


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