jharkhand news : झारखंड के साहिबगंज जिले में एनएच किनारे मिले गौरचंद्र बागती के शव की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। राधानगर पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए मृतक के चचेरे भाई बहादुर बागती (44) को अरेस्ट किया है। आरोपी ने पूछताछ के दौरान पुरानी रंजिश के चलते गला रेतकर हत्या करने का जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल चाकू भी रिकवर कर लिया है।
4 अक्टूबर की सुबह मिला था शव
4 अक्टूबर की तड़के लगभग 4:45 बजे मोहनपुर चौक के पास हाईवे किनारे गौरचंद्र का शव खून से लथपथ पड़ा मिला था। सूचना मिलते ही राधानगर थाने की टीम मौके पर पहुंची। शुरुआती जांच में ही साफ हो गया था कि धारदार हथियार से गला रेता गया है।
सनसनीखेज मामले की गंभीरता को देखते हुए साहिबगंज एसपी के निर्देश पर राजमहल एसडीपीओ विमलेश कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई।
तकनीकी सबूतों से पकड़ा गया आरोपी
स्पेशल टीम ने स्पॉट से जुटाए गए एविडेंस, टेक्निकल डेटा और लोकल इनपुट के आधार पर तफ्तीश आगे बढ़ाई। जांच में चचेरे भाई बहादुर बागती की भूमिका संदिग्ध लगी।
हिरासत में लेकर जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। आरोपी ने पुलिस को बताया कि पारिवारिक और आपसी विवाद के कारण उसने इस वारदात को अंजाम दिया।
चाकू और चप्पल बरामद
आरोपी की निशानदेही पर मर्डर में इस्तेमाल किया गया चाकू बरामद कर लिया गया है। इसके अलावा घटनास्थल से मिली एक चप्पल को भी एविडेंस के तौर पर जब्त किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के बयान और जब्त सामान के आधार पर केस के दूसरे पहलुओं को जोड़ा जा रहा है, ताकि अदालत में मजबूत चार्जशीट दाखिल की जा सके।


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