Fahmi Badayuni Poetry: फहमी बदायूंनी के खजाने से 8 चुनिंदा शेर

Summary :

Fahmi Badayuni Poetry: फहमी बदायूंनी के 8 बेहतरीन शेर जो दिल को छू जाएंगे

आबादी भी देखी है वीराने भी देखे हैं
जो उजड़े और फिर न बसे दिल वो निराली बस्ती है

आबादी भी देखी है वीराने भी देखे हैं
जो उजड़े और फिर न बसे दिल वो निराली बस्ती है

फ़ानी की जिंदगी भी क्या जिंदगी थी रब
मौत और जिंदगी में कुछ फर्क चाहिए

दुनिया मेरी बला जाने महंगी है या सस्ती है
मौत मिले तो मुफ़्त न लूं हस्ती की क्या हस्ती है

जीने भी नहीं देते, मरने भी नहीं देते
क्या तुमने मोहब्बत की हर रस्म उठा डाली

ना-उमीदी मौत से कहती है अपना काम कर
आस कहती है ठहर ख़त का जवाब आने को है

हर राह से गुजरकर दिल की तरफ चला हूं
क्या हो जो उनके घर की यह राह भी न निकले

बिजलियां टूट पड़ीं जब वो मुक़ाबिल से उठा
मिल के पल्टी थीं निगाहें कि धुआं दिल से उठा

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Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।