Teaching Good Manners to Children: किताबी ज्ञान ही नहीं, संस्कार भी हैं जरूरी! बच्चे को लाइफ में कामयाब बनाएंगी ये 5 Good Habits

Summary :

केवल किताबी ज्ञान ही काफी नहीं है, बल्कि बच्चों को बचपन से ही अच्छी आदतें और संस्कार सिखाना माता-पिता का फर्ज है। ये आदतें बच्चे की पर्सनालिटी को निखारती हैं और उसे एक जिम्मेदार और समझदार इंसान बनाती हैं। हर बच्चे में 5 अच्छी आदतें जरूरी होनी चाहिए।

Teaching Good Manners to Children: केवल किताबी पढ़ाई बच्चे का भविष्य नहीं संवारती, बल्कि उसकी अच्छी आदतें और संस्कार भी जरूरी होते हैं और ये संस्कार सिर्फ माता-पिता और घर के बड़ी ही सिखा सकते हैं। बच्चा पढ़ाई में कितना भी तेज़ क्यों न हो, अगर उसमें दूसरों से बात करने का सही तरीका नहीं है, तो लोग उसे पसंद नहीं करते। वहीं अगर बच्चे में की अच्छी आदतें सबका दिल जीत लेती हैं। बच्चे वही सीखते हैं जो अपने घर और आसपास देखते हैं, इसलिए माता-पिता का यह फर्ज बनता है कि वे उन्हें सही और अच्छी बातें सिखाएं।

अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा जहां भी जाए, सब उसकी तारीफ करें, तो उसे छोटी उम्र से ही अच्छे संस्कार देना शुरू कर दें। ये छोटी-छोटी आदतें बच्चे की पर्सनालिटी को निखारती हैं और उसे आगे चलकर एक जिम्मेदार और समझदार इंसान बनाती हैं। आइए, जानें वो कौन सी 5 आदतें हैं, जो हर बच्चे में होनी चाहिए।

हर बच्चे में होनी चाहिए ये 5 अच्छी आदतें (Good Habits for Kids)

Teaching Good Manners to Children
Teaching Good Manners to Children (Magnific)

1. सबका आदर करना

सिर्फ बड़ों का आदर करना काफी नहीं बल्कि छोटों और बराबरी वालों को भी सम्मान देना चाहिए। उन्हें सिखाएं कि जब भी किसी से मिलें तो नमस्ते करें, बड़ों से तमीज से बात करें और उनकी बात ध्यान से सुनें। इससे बच्चा डिसिप्लिंड बनता है।

2. ‘प्लीज’और ‘थैंक यू’ बोलना सिखाएं

बच्चे को बचपन से ही मदद मांगते समय ‘प्लीज’ और कोई चीज या मदद मिलने पर ‘थैंक यू’ कहना सिखाएं। इतना ही नहीं, माता-पिता को खुद भी बच्चे के साथ इसी तरह बात करनी चाहिए। जैसे कि पानी चाहिए तो “प्लीज पानी दे दो” कहना और पानी मिलने के बाद “थैंक यू” बोलना। यह आदतें बच्चों में अच्छे संस्कार डालती है।

3. दूसरों की सुनना

बच्चों को यह बात जरूर सिखाएं कि जब दो लोग बात कर रहे हों, तो बीच में अपनी बात न शुरू करें। अक्सर बच्चे दूसरों को टोक देते हैं। उन्हें यह समझ में आना चाहिए कि पहले सामने वाले की पूरी बात सुनें, और फिर अपनी बारी आने पर ही बोलें। इससे बच्चे सामाजिक बनते हैं।

4. अपनी गलती मानना और ‘सॉरी’ कहना

गलती किसी से भी हो सकती है, यह बहुत स्वाभाविक है। लेकिन बहुत से लोग अपनी गलती छुपाते हैं या मानने से इंकार करते हैं। अपने बच्चे को सिखाएं कि अगर उससे कोई गलती हो जाए, तो बिना डरे उसे स्वीकार करे और दिल से ‘सॉरी’ बोले। इससे बच्चा अपनी जिम्मेदारियों को समझना सीखता है और उसे अपनी गलती का एहसास होता है।

5. अपनी चीजें दूसरों के साथ बांटना

बहुत से बच्चे अपने खिलौने या खाने की चीजें दूसरों को देने में हिचकिचाते हैं। अगर आप शुरू से ही उन्हें बांटकर खाना और खेलना सिखाएंगे, तो आगे चलकर वे एक मददगार और दयालु इंसान बनेंगे। अपनी चीजें शेयर करने से बच्चों के दोस्त भी जल्दी बनते हैं और लोग उन्हें पसंद भी करते हैं।

Also Read: Single Mother Parenting Tips: सिंगल मदर भी कर सकती हैं अच्छी परवरिश! ये 6 खास पेरेंटिंग टिप्स आपके बच्चे को देंगी बेहतर भविष्य

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।