Poetry: “छोड़ना है तो न इल्ज़ाम लगा…” एक बार जरुर पढ़े ये शेर

Summary :

Poetry: मोहब्बत में ज़रा सी बेवफ़ाई तो ज़रूरी है, वही अच्छा भी लगता है जो वादे तोड़ देता है -वसीम बरेलवी

कुछ कह रही हैं आप के सीने की धड़कनें 
मेरा नहीं तो दिल का कहा मान जाइए 

–क़तील शिफ़ाई

मोहब्बत में ज़रा सी बेवफ़ाई तो ज़रूरी है
वही अच्छा भी लगता है जो वादे तोड़ देता है
-वसीम बरेलवी

कह दो इन हसरतों से कहीं और जा बसें
इतनी जगह कहाँ है दिल-ए-दाग़दार में 

–बहादुर शाह ज़फ़

छोड़ना है तो न इल्ज़ाम लगा कर छोड़ो
कहीं मिल जाओ तो फिर लुत्फ़ -ए -मुलाक़ात रहे 
-माधव राम जौहर

गुलाब जिस्म का यूँ ही नहीं खिला होगा
हवा ने पहले तुझे फिर मुझे छुआ होगा 
-शहरयार 

गुफ़्तुगू अच्छी लगी ज़ौक़-ए-नज़र अच्छा लगा 
मुद्दतों के बाद कोई हमसफ़र अच्छा लगा
-अहमद फ़राज़

इक लफ़्ज़-ए-मोहब्बत का अदना ये फ़साना है 
सिमटे तो दिल-ए-आशिक़ फैले तो ज़माना है

–जिगर मुरादाबादी

कहने देती नहीं कुछ मुँह से मोहब्बत मेरी 
लब पे रह जाती है आ आ के शिकायत मेरी 
-दाग़ देहलवी 

भूले हैं रफ़्ता रफ़्ता उन्हें मुद्दतों में हम 
क़िस्तों में ख़ुद-कुशी का मज़ा हम से पूछिए 
-ख़ुमार बाराबंकवी

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।