मध्य प्रदेश परिवहन घोटाले को दबाने का प्रयास कर रही भाजपा सरकार: उमंग सिंघार

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उमंग सिंघार का दावा: मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने घोटाले को दी शह

मध्य प्रदेश में हुए परिवहन घोटाले को लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बड़ा हमला बोला है और आरोप लगाया है कि तत्कालीन परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पूरे परिवहन घोटाले के गिरोह की कमान संभालते थे। उन्होंने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस की बात करती है, लेकिन मध्य प्रदेश में घोटाले पर घोटाले हो रहे हैं और इन पर विधानसभा में कोई चर्चा नहीं होती। राज्य में पिछले दिनों परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के खिलाफ लोकायुक्त, आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय ने कार्रवाई की। इस दौरान एक कार में 52 किलो सोना, 10 करोड़ रुपये की नगदी और ढाई क्विंटल चांदी मिली थी। इसके अलावा कई संपत्तियों के दस्तावेज भी मिले थे।

उन्होंने कहा कि घोटाले में मंत्री, अधिकारी और ठेकेदारों की मिलीभगत से हर साल 1,500 करोड़ रुपए की अवैध वसूली होती रही है। भाजपा सरकार इस घोटाले को दबाने का प्रयास कर रही है और अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। तत्कालीन परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के कार्यालय से ही सारी डील होती थी। गोविंद राजपूत ने 2019 से 2024 के बीच अपनी पत्नी, बच्चों और रिश्तेदारों के नाम पर 600 करोड़ से अधिक की संपत्ति अर्जित की। उन्होंने 2023 में अपने 134 करोड़ की संपत्ति को शपथ पत्र में छुपाया। इतना ही नहीं, ज्ञान वीर समिति के नाम पर दान की आड़ में जमीनों की हेराफेरी की गई।

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि दिल्ली की डिफेंस कॉलोनी में भी गोविंद सिंह राजपूत और उनके बिजनेस पार्टनर्स ने जमीनें खरीदी। गोविंद राजपूत के संरक्षण में संजय श्रीवास्तव, उनकी पत्नी और अन्य लोग मिलकर सौरभ शर्मा के जरिए पूरी डील करते थे। 2019 से लेकर 2024 तक तत्कालीन परिवहन मंत्री और मौजूदा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने अपनी पत्नी से लेकर अपने बेटे के नाम पर 400 करोड़ से भी ज्यादा की 150 एकड़ अचल संपत्ति खरीदी है। सागर जिले में 100 एकड़ जमीन 600 करोड़ में बिजनेस पार्टनर ने खरीदी। इसके अलावा संजय श्रीवास्तव और उनकी पत्नी के नाम, तुकाराम और उनकी पत्नी के नाम और संजय डांडे के नाम पर करोड़ों रुपए की दिल्ली में संपत्ति खरीदी गई। उमंग सिंघार ने गोविंद राजपूत और उनके साथियों की संपत्ति के दस्तावेज भी जारी किए हैं और कहा कि इस घोटाले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी मांग की। उन्होंने कहा है कि भोपाल में प्रधानमंत्री मोदी को इस मामले की शिकायत सौंपेंगे।

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