Dewas Spurious Liquor Case: मध्य प्रदेश के देवास के चंदाना और बिंजाना गांवों से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पुलिस की जांच के अनुसार, इन गांवों में कथित तौर पर नकली शराब पीने से कई लोगों की मौत हो गई। इस मामले का संबंध इंदौर से जुड़ रहा है। पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपियों ने 6 से 11 अक्टूबर के बीच तैयार की गई शराब बेची थी।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल, पुलिस शराब बनाने के लिए इस्तेमाल किए गए गोदामों को सील करने की कार्रवाई कर रही है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने शराब बनाने के लिए जरूरी सामग्री इंदौर के महावीर मार्केट स्थित लोहामंडी के एक गोदाम से मंगाई थी।
आरोपियों को किया गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने आरोपी अजय राठौर को हिरासत में लिया है। आरोप है कि उसने नकली शराब बनाने की योजना तैयार की थी। आरोपियों ने शराब बनाने के लिए इंदौर से केमिकल खरीदा था। इसके बाद देवास के पूर्वाड़ादाई गांव में अजय राठौर के मकान और लौहार पिपल्या में उसके साथी गोविंद के मकान पर पानी मिलाकर नकली शराब तैयार की गई।आरोपियों ने क्षिप्रा और भाड़ा पिपल्या स्थित वाइन शॉप से लाइसेंसी शराब की पेटियां भी अवैध तरीके से चंदाना और बिंजाना क्षेत्र में बेचीं। हालांकि, पुलिस अभी इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
नकली शराब पीने से हुई लोगों की मौत
मामले की जांच के दौरान पुलिस इंदौर पहुंची। जांच में सामने आया कि देवास के चंदाना और बिंजाना गांवों में कथित तौर पर नकली शराब पीने से 20 दिनों के भीतर 10 लोगों की मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है। इस मामले में पुलिस ने अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। फिलहाल, पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है।
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