मध्य प्रदेश के सागर में जहरीली शराब से अब तक 28 मौत! फिर खुलेंगी बंद शराब की 7 दुकानें

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Sagar Liquor Shop Reopening Order: सागर में जहरीली शराब से मौतों का आंकड़ा 28 पहुंच गया है। मंगलवार को तीन और लोगों की मौत हुई। 13 मरीज ICU में हैं, जबकि 150 से ज्यादा लोगों का इलाज जारी है। सात शराब दुकानों को दोबारा खोलने का आदेश हुआ, लेकिन संदिग्ध बाम्बे व्हिस्की और सागर गोल्ड की बिक्री पर रोक है।

Sagar Liquor Shop Reopening Order: मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से लोगों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। इस बीच अब दोबारा से प्रभावित क्षेत्रों में उन 7 दुकानों को खोलने का ऑर्डर दे दिया गया, जिन्हें लोगों की मौत के बाद बंद कर दिया गया था।  वहीं  मंगलवार को तीन और लोगों की जान चली गई। इसके साथ ही इस मामले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 28 हो गई है। वहीं, कई लोगों की हालत अब भी गंभीर बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार,  मंगलवार को छापरी, घूरमार और रिछवार सानौधा गांव के एक-एक व्यक्ति की मौत हुई। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में करीब 13 मरीज ICU में भर्ती हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। इसके अलावा 150 से ज्यादा लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। कुछ मरीजों की हालत में सुधार होने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी भी दी गई है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार प्रभावित इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं। शराब पीने के बाद बीमार हुए लोगों का इलाज किया जा रहा है।

सात शराब दुकानों को फिर खोलने का आदेश

बता दें कि मौतों के बाद प्रभावित इलाकों में जिन  सात शराब की दुकानों को बंद करा दिया गया था। अब इन दुकानों को दोबारा खोलने का आदेश जारी किया गया है। लेकिन, आदेश में साफ किया गया है कि संदिग्ध बाम्बे व्हिस्की और सागर गोल्ड ब्रांड की देसी शराब की बिक्री पर रोक जारी रहेगी। प्रशासन अब इस बात की जांच में जुटा है कि जहरीली शराब आखिर कहां से आई और इसमें किस स्तर पर मिलावट हुई। शुरुआती जांच में अभी तक यह सामने नहीं आया है कि संदिग्ध शराब किसी अधिकृत डिस्टिलरी में तैयार हुई थी। अधिकारियों का कहना है कि अगर डिस्टिलरी में ही शराब बनाने के दौरान कोई गड़बड़ी हुई होती, तो इसका असर दूसरे इलाकों में भी दिखाई देता।

फिलहाल जांच का मुख्य फोकस शराब की पैकिंग और उसमें मिलावट पर है। शराब के सैंपल  की जांच के लिए तीन अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। पिछले दो दिनों में शराब की दुकानों, आरोपितों के ठिकानों, फैक्ट्री और अन्य जगहों से करीब 80 नमूने लिए जा चुके हैं। अधिकारियों के अनुसार नकली शराब की पहचान में कुछ संकेत मिले हैं। ऐसी बोतलों का ढक्कन ढीला हो सकता है और शराब का रंग भी नॉर्मल  से अलग दिखाई दे सकता है।

वेयर हाउस प्रभारी को हटाया गया

मामले में आबकारी विभाग ने सागर के वेयर हाउस की प्रभारी मंजूषा सोनी को मंगलवार देर शाम हटा दिया। उनकी जगह राम चित्रकार को नया प्रभारी बनाया गया है। जानकारी के अनुसार पिछले महीने एक शराब ठेकेदार ने बाम्बे व्हिस्की की एक बोतल को संदिग्ध बताते हुए शिकायत की थी। उसने शराब के नकली या मिलावटी होने की आशंका जताई थी। करीब 10-12 दिन तक बोतल रखे जाने के बाद उसे जांच के लिए आबकारी वेयर हाउस भेजा गया।

आरोप है कि एडीओ मंजूषा सोनी ने करीब एक घंटे में केवल बैच नंबर का मिलान किया और शराब को पीने योग्य बताते हुए रिपोर्ट भेज दी। अब उसी ब्रांड की शराब पीने के बाद आठ गांवों में हुई मौतों के बीच उस रिपोर्ट पर सवाल उठ रहे हैं।

शिवपुरी में महिलाओं ने शराब की दुकान में लगाई आग

सागर की घटना के बाद शिवपुरी जिले के अमोला गांव में भी शराब के खिलाफ लोगों का गुस्सा देखने को मिला। यहां कई महिलाएं लाठियां लेकर शराब की दुकान पर पहुंचीं। महिलाओं ने दुकान में रखी शराब की बोतलें फेंककर तोड़ दीं और इसके बाद दुकान में आग लगा दी।

आग लगने से पूरी दुकान जलकर राख हो गई। दुकान पर मौजूद कर्मचारियों ने मौके से भागकर खुद को बचाया।महिलाओं का आरोप है कि गांव में शराब की बिक्री बढ़ने से आए दिन शराब पीकर हंगामा होता है। इससे गांव के लोगों, खासकर महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अमोला थाना प्रभारी योगेंद्र सेंगर ने बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर महिलाओं को शांत कराया।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।