पटना : पत्रकारों से बढ़ते हमले के विरोध में तथा पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की मांग पर मीडिया कर्मियों एवं पत्रकार संगठनों के साझा मंच पत्रकार संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले कारगिल चौक पर धरना दिया गया। धरना में दर्जनों पत्रकारों ने भाग लिया। महाधरना का नेतृत्व पत्रकार संघर्ष मोर्चा के संयोजक एवं वरीय पत्रकार एस एन श्याम के अलावा प्रभात वर्मा, विपुल सिंह, जाने माने शायर, लेखक और पत्रकार तथा बिहार राज्य अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व सदस्य अशरफ अस्थानवी ने भी विशेष रूप से शिरकत किया। सभी पत्रकरों ने बिहार सरकार के पेंशन योजना के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।
जेपी चौधरी ने कहा कि आये दिन बिहार में पत्रकारों के साथ घटना घट रही है इसलिए पत्रकार सुरक्षा कानून बनाया जाये। प्रखंड एवं जिला स्तर पर परिचय पत्र नहीं होने पर पत्रकारों को बहुत सारी असुविधाएं होती है। बिहार के सभी प्रिंट मीडिया एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के संपादक जिला एवं प्रखंड के लिए पत्रकारों को परिचय पत्र बनाकर जरूर दें। क्योंकि पत्रकार दिन भर मेहनत कर जनसमस्या की खबरें प्रकाशित करते हैं। कहीं भी घटना घटित होने पर पत्रकार अपने पैसे की बदौलत खबर लेने हेतु घटना स्थल पर जरूर पहुंचते है इसलिए बिहार सरकार से अनुरोध है कि पत्रकारों की समस्या की हल जरूर निकालें।
श्री चौधरी ने कहा कि पत्रकारों के हित में सरकार और जनप्रतिनिधि को एक होने पर ही पत्रकारों की दशा व दिशा बदलेगी। धरना पर बैठे पत्रकार सम्मान पेंशन योजना में मुफसिल के पूर्णकालिक पत्रकारों को शामिल करने, संवाद संकलन के दौरान हत्या, दुर्घटना में मौत या अन्य हादसे के शिकार पत्रकारों के परिजनों को सरकारी स्तर पर सरकारी कर्मियों को मिलने वाली मुआवजा राशि और अन्य सुविधा देने की मांग कर रहे थे।
धरना में बिहार प्रेस मेंस यूनियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन, बिहार श्रमजीवि पत्रकार यूनियन, इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किग जर्नलिस्ट बिहार, इंडियन मीडिया वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन एवं बिहार प्रेस मेंस वेलफेयर एसोसिएशन आदि ने धरना में शिरकत किया।
इस अवसर पर दयाशंकर तिवारी, सूरज कुमार पांडे, त्रिलोक कुमार, मनोज सिंह, इसान अमन,राकेश कुमार, आलोक कुमार, मोहम्मद शम्मी, राजेश कमार आदि ने भाग लिया।


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