उपनगरीय क्षेत्र गोरेगांव के आरे कॉलोनी में मेट्रो परियोजना के लिए पेड़ कटाई पर विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर लगायी गयी निषेधाज्ञा मंगलवार को हटा ली गयी। पुलिस ने बताया कि क्षेत्र में स्थिति सामान्य हो गयी है और लोगों की आवाजाही और यातायात सामान्य है।
पुलिस ने शनिवार को पेड़ों की कटाई के खिलाफ कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध प्रदर्शन को देखते हुए क्षेत्र में दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गयी थी। प्रदर्शनकारी मेट्रोशेड को स्थानांतरित करने की मांग कर रहे थे। यह शेड मेट्रो परियोजना 3 का हिस्सा है।
बंबई उच्च न्यायालय द्वारा आरे कॉलोनी को वन क्षेत्र घोषित करने की मांग वाली याचिकाओं को खारिज करने के कुछ घंटों बाद मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमएमआरसीएल) ने डिपो बनाने के लिए क्षेत्र में पेड़ काटने शुरु किए। मुंबई पुलिस के प्रवक्ता प्रणय अशोक ने पीटीआई भाषा से कहा, ‘‘आज हमने आरे कॉलोनी में धारा 144 हटा ली है। अब क्षेत्र में सब कुछ सामान्य है।’’
स्थानीय निवासी श्याम भोइर ने बताया कि इलाके में अब सबकुछ सामान्य है लेकिन शेड लगने वाली जगह पर बड़ी संख्या में पुलिस तैनात है। धारा 144 हटने के बाद लोगों की आवाजाही सामान्य हो गयी है। शुक्रवार को आरे कॉलोनी में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुयी झड़प के बाद कई लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया था। उच्चतम न्यायालय ने मामले का संज्ञान लेते हुए सोमवार को वहां पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दी थी। हालांकि महाराष्ट्र सरकार ने कहा था कि पेड़ों की जरूरी कटाई पहले ही की जा चुकी है।


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