उत्तर प्रदेश में जेल प्रशासन का बेहद लापरवाही का मामला सामने आया है। नए साल के जश्न के बीच आधी रात को मथुरा की जिला जेल से 3 कैदी फरार हो गए। कैदियों के फरार होने की सूचना से जेल और जिला प्रशासन में हडकंप मच गया है। पुलिस भागे हुए तीनो कैदियों की तलाश कर रही है।
वहीं, मामले में चार पुलिसकर्मियों मे निलंबित कर दिया गया है। फरार हुए कैदियों में कलुआ, राहुल और संजय नाम के कैदी शामिल हैं। तीनों के खिलाफ गैंगस्टर का मुकदमा चल रहा था। पता चला कि कैदियों ने जेल से भागने के लकड़ी को सहारा बनाकर दीवार कूद गए है ।
रात में घने कोहरे होने के कारण विजिबिलिटी इतनी कम थी कि 10 मीटर की दूरी पर दिखाई नहीं दे रहा था। इसी का फायदा बैरेक 17 में कैद 4 कैदियों ने उठाया। इनमें से 3 कैदी लकड़ी के सहारे दीवाल फांदकर भागने में कामयाब रहे, जबकि चौथे कैदी को भागते वक्त जेल के सुरक्षाकर्मियों ने दबोच लिया।
राहुल, संजय और कलुआ अलग-अलग मामलों में जेल में बंद थे। ये जानलेवा हमला, गैंगस्टर और नशीले पदार्थ बेचने के मामले में साल 2015, 2016 और 2017 में जिला जेल लाए गए थे। भागे हुए कैदियों में कलुआ, राहुल और संजय हैं। कलुआ उर्फ़ शेरा निवासी पानी की टंकी किशोर पुरा वृंदावन का है।
दूसरा कैदी संजय निवासी नगला लालदास थाना अछनेरा आगरा है। तीसरा कैदी राहुल कुशवाहा निवासी हथोड़ा जलेसर है। पुलिस तीनों कैदियों की तलाश कर रही है। जेल अधीक्षक शैलेंद्र मैत्रेय ने कहा, ”तीनों की तलाश जारी है। इसके साथ ही ये भी जांच की जा रही है कि जेल से किस तरीके से भाग गए।”
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