आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सोमवार को पार्टी के नवपरिवर्तन अभियान के तहत उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के लिए वर्चुअल संवाद किया। दरअसल कोरोना गाइडलाइन के मद्देनजर चुनाव आयोग ने 16 जनवरी तक सभी चुनावी राज्यों में रैलियों पर रोक लगा दी है। कोरोना संक्रमण के बीच आप ने 36 दिनों की चुनावी रणनीति बनाई है। आम आदमी पार्टी चुनाव आयोग के निर्देशों को देखते हुए फिलहाल वर्चुअल जनसंवाद कर रही है।
नई सरकार के जरिये होगा उत्तराखंड में विकास का फैसला :सिसोदिया
मनीष सिसोदिया ने सोमवार को अपने संवाद के दौरान कहा कि आज से ठीक 35 दिन बाद यानी 14 फरवरी को उत्तराखंड में चुनाव होंगे, जिसके आधार पर प्रदेश में नई सरकार बनेगी। जिनके जरिये तय होगा कि उत्तराखंड के स्कूल कैसे होंगे, अस्पताल कैसे होंगे, लोगों को रोजगार मिलेगा या नहीं, पहाड़ों से पलायन रुकेगा या नहीं, 14 फरवरी को इसका चुनाव है।
उन्होंने कहा कि 21 साल पहले महान आंदोलन से उत्तराखंड राज्य का जन्म हुआ। उत्तराखंड के लिए लोगों ने बड़ी-बड़ी कुर्बानियां दीं, खून-पसीना बहाया, नौकरी-व्यापार-घर छोड़कर इसलिए आंदोलन चलाया कि लखनऊ बहुत दूर है, प्रदेश में सत्तारूढ़ सरकार को पहाड़ों तक लाया जाए। लेकिन अलग राज्य बनने का फायदा भाजपा और कांग्रेस को छोड़कर किसी को नहीं मिला।
कांग्रेस और BJP ने किया उत्तराखंड के विकास को बदहाल
सिसोदिया ने कहा राज्य में आंदोलनकारियों और जनता के हाथ कुछ नहीं लगा। जितने बदहाल स्कूल पहले थे उतने ही बदहाल अब भी हैं। अस्पतालों की भी वही स्थिति है, पलायन भी जस का तस है। कांग्रेस और भाजपा के नेता राज्य को लूटते गए। उत्तराखंड की जनता ने जिन्हें भी सत्ता की चाभी दी, उन्होंने आपस में सेटिंग कर ली, कि पांच साल तुम लूटो, पांच साल हम। अगर 21 साल में इन पार्टियों ने कुछ नहीं किया। आज भी पहाड़ में बसने वाली महिलाएं प्रसव पीड़ा में दम तोड़ रही हैं।
राज्य को आप के रूप में मिल रहा नया विकल्प
सिसोदिया ने कहा उत्तराखंड राज्य जहां बिजली बनती है वहां लोगों को फ्री बिजली नहीं मिल सकती क्या? अगर दिल्ली के दो तिहाई लोगों को फ्री बिजली मिल सकती है तो उत्तराखंड के लोगों को क्यों नहीं मिल सकती। मैं आज आप सभी से निवेदन करना चाहता हूं कि अब उत्तराखंड को बदलने का समय आ गया है। आज उत्तराखंड को एक नया विकल्प मिल रहा है।
AAP ने बनाई 36 दिनों की चुनावी रणनीति
गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण के मद्देनजर आम आदमी पार्टी ने 36 दिनों की चुनावी रणनीति बनाई है। पार्टी की ओर से वर्चुअल बैठक कर पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया जा रहा है। साथ ही नवपरिवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। जोकि आगामी 16 जनवरी तक चलेगा। सोमवार को मनीष सिसोदिया के संवाद के बाद, 11 जनवरी को दूसरी वर्चुअल संवाद पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह संबोधित करेंगे।
इसके बाद 12 जनवरी को दिल्ली के कैबिनेट मंत्री राजेंद्र पाल गौतम, 13 जनवरी को दिल्ली के विधायक सौरभ भारद्वाज, 14 जनवरी को आप की राष्ट्रीय प्रवक्ता आतिशी, 15 जनवरी को दिल्ली के कैबिनेट मंत्री सतेंद्र जैन और 16 जनवरी को पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष गोपाल राय वर्चुअल नवपरिवर्तन संवाद करेंगे।


Download Android App
Download iOS App



