ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस के इस्तीफे के बाद मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार खतरे में आ चुकी है। भाजपा ने अपने 100 विधायकों को गुरुग्राम स्थिति एक होटल में शिफ्ट कर दिया है। वहीं खबर है कि कांग्रेस अब अपने बचे विधायकों को जयपुर भेज सकती है। दोनों ही पार्टियों के समक्ष अपने-अपने विधायकों को बचाने की चुनौती है। कांग्रेस के 22 विधायकों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद से राज्य की कमलनाथ सरकार पर संकट बना हुआ है।
वहीं दूसरी ओर भाजपा की नजर कांग्रेस के अन्य विधायकों पर है। कांग्रेस पर संकट और ना बढ़े इसलिए पार्टी के 90 और चार निर्दलीय विधायकों को बाहर भेजा जा रहा है। कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि विधायकों को मुख्यमंत्री आवास पर तलब किया गया है। विधायक मुख्यमंत्री आवास भी पहुंचने लगे हैं। यहां से विधायकों को बसों से हवाई अड्डे और फिर विमान से जयपुर ले जाया जा सकता है अथवा सड़क मार्ग से कहीं और भी भेजा जा सकता है।
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गौरतलब है कि कांग्रेस की मंगलवार रात को मुख्यमंत्री आवास पर पार्टी विधायकों की मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ बैठक हुई थी। इसमें अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधि के तौर पर राष्ट्रीय सचिव सुधांशु त्रिवेदी भी मौजूद थे। इस बैठक में कुल 94 विधायक पहुंच थे। पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्येातिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। साथ ही उनके समर्थक विधायकों ने भी पार्टी से इस्तीफा दिया है।
खबर है कि कांग्रेस के कई विधायक अब भी भाजपा के संपर्क में है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस भी भाजपा के असंतुष्ट विधायकों पर नजर रखे हुए है। दोनों ही दलों में अपने विधायकों को एक जुट रखने की चुनौती है। यही कारण है कि विधायकों को भोपाल से बाहर ले जाया जा रहा है।


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