Ashok Kharat Arrested : महाराष्ट्र के नासिक से शुरू हुआ तथाकथित ‘बाबा’ अशोक खरात का मामला अब एक बड़े और चौंकाने वाले स्कैंडल का रूप ले चुका है। 67 वर्षीय खरात, जो खुद को मर्चेंट नेवी का रिटायर्ड कैप्टन, भविष्य बताने वाला और दैवी शक्तियों का मालिक बताता था, अब जांच एजेंसियों के शिकंजे में है। एसआईटी की पड़ताल में उसकी जिंदगी के कई काले राज एक-एक कर सामने आ रहे हैं।
एक शिकायत से खुला पिटारा
शुरुआत में यह मामला सिर्फ एक महिला की शिकायत तक सीमित था, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, और महिलाएं सामने आने लगीं। पुलिस के भरोसे के बाद अब तीन और पीड़िताओं ने शिकायत दर्ज कराई है, जिससे केस और गंभीर हो गया है।
500 करोड़ की संपत्ति का खेल
एसआईटी जांच में सामने आया है कि अशोक खरात के नाम पर कुल 52 संपत्तियां हैं, जिनमें 11 सीधे उसके नाम दर्ज हैं। ये प्रॉपर्टीज नासिक, सिन्नर, गंगापुर और अहिल्यानगर तक फैली हुई हैं। शुरुआती अनुमान के मुताबिक इनकी कीमत करीब 500 करोड़ रुपये हो सकती है।
कई दस्तावेजों में संदिग्ध एंट्री भी मिली हैं, जिसमें कुछ प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों के नाम सामने आ रहे हैं। अब आयकर विभाग भी इस एंगल से जांच में जुटने वाला है।
Ashok Kharat New Revelations: शिर्डी की ‘गुप्त मीटिंग’ ने बढ़ाई सियासी हलचल

मामले में नया मोड़ तब आया जब यह जानकारी सामने आई कि गिरफ्तारी से तीन दिन पहले शिर्डी के एक होटल में खरात की मुलाकात तीन IAS अधिकारियों से हुई थी।
बताया जा रहा है कि उसके करीबी सहयोगी विनोद ने इस मुलाकात के लिए तीन अलग-अलग होटल बुक कराए थे,एक में खुद खरात, दूसरे में अधिकारी और तीसरे में सीक्रेट मीटिंग हुई। अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क और ‘विनोद’ की भूमिका की जांच कर रही है।
40 नंबर, 58 वीडियो और बढ़ती आशंकाएं
खरात के ऑफिस बॉय नीरज से पूछताछ के दौरान पुलिस को 40 से ज्यादा महिलाओं के फोन नंबर मिले हैं। इससे अंदेशा है कि पीड़ितों की संख्या कहीं ज्यादा हो सकती है।
इसके अलावा एक पेनड्राइव में 58 आपत्तिजनक वीडियो भी मिले हैं, जिनमें कथित तौर पर हाई-प्रोफाइल महिलाओं और कुछ चर्चित चेहरों के शामिल होने की आशंका है। पुलिस अब कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के जरिए पूरी कड़ी जोड़ने की तैयारी में है।
Ashok Kharat Arrested: ‘भगवान कृष्ण’ बनकर रचा जाल

जांच में खुलासा हुआ है कि खरात खुद को भगवान कृष्ण का अवतार बताता था और महिलाओं को यह यकीन दिलाता था कि वे पिछले जन्म में उसकी ‘राधा’ थीं।
वह धार्मिक अनुष्ठान के नाम पर महिलाओं के सिर पर तांबे का लोटा रखकर मंत्र पढ़ता, फिर उन्हें नशीला प्रसाद और अजीब स्वाद वाला पानी देता, जिससे वे बेहोशी जैसी हालत में चली जातीं। इसी दौरान कथित तौर पर उनका शोषण किया जाता था, जबकि परिवार वालों को बाहर ही रोका जाता था।
खरात ने सिन्नर की पहाड़ियों में ईशान्येश्वर महादेव मंदिर बनवाया और एक ट्रस्ट के जरिए अपनी पकड़ मजबूत की। मर्चेंट नेवी के अनुभव और न्यूमरोलॉजी के दावों के सहारे उसने कई प्रभावशाली लोगों और नेताओं तक पहुंच बनाई। बताया जाता है कि कई बड़े नाम उसके दरबार में जा चुके हैं।
हिरासत में भी ‘चमत्कार’ का दावा
गिरफ्तारी के बाद भी खरात का रवैया नहीं बदला है। हिरासत में रहते हुए वह पुलिसकर्मियों का भविष्य बताने का दावा कर सहानुभूति हासिल करने की कोशिश कर रहा था। उसने अपनी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों का सटीक भविष्य बताने का दावा कर सहानुभूति बटोरने की कोशिश की. हालांकि, नासिक पुलिस ने साफ कर दिया है कि कानून के सामने किसी भी तरह का ढोंग नहीं चलेगा।
पुलिस की चाल और आगे की कार्रवाई
खरात को पकड़ने के लिए पुलिस ने इलाके में चोरी की झूठी सूचना फैलाकर सर्च ऑपरेशन का माहौल बनाया, ताकि वह भाग न सके। अब एसआईटी पुणे और मुंबई के भायखला इलाके में मौजूद कुछ संदिग्धों परब और जासूद से पूछताछ की तैयारी कर रही है। जमीन के सौदों को संभालने वाला एजेंट दीपक लोंढे और ऑफिस बॉय नीरज पहले से ही जांच एजेंसियों के निशाने पर हैं।
यह मामला अब सिर्फ एक व्यक्ति की करतूत नहीं, बल्कि अंधविश्वास, प्रभाव और सिस्टम की कमजोरियों का बड़ा उदाहरण बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में इस केस से जुड़े और भी बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।
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