पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में मतगणना केंद्र के बाहर हुई झड़प में आईएसएफ (इंडियन सेक्युलर फ्रंट) के दो समर्थकों सहित तीन लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।बता दें बंगाल में त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव के लिए मंगलवार को सुबह से मतगणना जारी है।एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जान गंवाने वाले आईएसएफ समर्थकों की पहचान रेजाउल गाजी और हसन मोल्ला के तौर पर हुई है। अन्य एक व्यक्ति की पहचान राजू मोल्ला के तौर पर हुई।अधिकारी ने बताया कि यह घटना मंगलवार देर रात हुई जब आईएसएफ के सदस्यों ने कोलकाता से करीब 30 किलोमीटर दूर भंगोर में मतगणना केंद्र के बाहर कथित तौर पर बम फेंके और इसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
पुलिसकर्मी और आईएसएफ के कुछ सदस्य झड़प में घायल
उन्होंने बताया कि पुलिस कर्मियों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए रबर की गोलियां चलाईं और आंसू गैस के गोले छोड़े।उन्होंने कहा, ‘‘एक वरिष्ठ आईपीएस (भारतीय पुलिस सेवा)अधिकारी, उनके अंगरक्षक तथा कई अन्य पुलिसकर्मी और साथ ही आईएसएफ के कुछ कथित सदस्य झड़प में घायल हो गए।’’अधिकारी ने कहा, ‘‘ आधी रात के आसपास कुछ लोगों ने भंगोर में मतगणना केंद्र के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने हमारे साथियों को निशाना बनाकर बम फेंके। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जवाबी कार्रवाई करते हुए हमारे अधिकारियों ने लाठीचार्ज किया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस कर्मियों को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और रबर की गोलियां चलानी पड़ी।’’
दिल्ली से लौटते ही बोस मंगलवार को मौके पर पहुंचे थे
अधिकारी ने बताया कि घायल पुलिसकर्मियों और आईएसएफ के सदस्यों का एक अस्पताल में इलाज जारी है। भंगोर में खासकर मतगणना केंद्र के बाहर पुलिस कर्मियों का एक बड़ा दल तैनात किया गया है।पुलिसकर्मी ने बताया कि बुधवार को सुबह भंगोर के कई इलाकों में देशी बम मिले और बम निरोधक दस्ते का एक दल मौके पर पहुंचा।दुकानें और बाजार बंद रहे। अधिकतर स्थानीय लोग अपने घरों में ही रहे।
राज्य निर्वाचन आयोग के पंचायत चुनाव की घोषणा करने के बाद आठ जून से ही भंगोर में तनाव व्याप्त है। राज्यपाल डॉ. सी.वी. आनंद बोस ने हिंसा प्रभावित भंगोर का दो बार दौरा किया था और वहां चुनाव संबंधी झड़प में मारे गए एक व्यक्ति के परिवार के सदस्यों और घायल लोगों से मुलाकात की थी।चुनाव संबंधी हिंसा के बाद स्थिति पर प्राथमिक रिपोर्ट सौंपने के बाद दिल्ली से लौटते ही बोस मंगलवार को मौके पर पहुंचे थे।
परिणामों में उसने अच्छी-खासी बढ़त हासिल कर ली
पश्चिम बंगाल में आठ जुलाई को हुए पंचायत चुनाव में व्यापक पैमाने पर हिंसा हुई थी जिसमें 15 लोगों की मौत हो गयी। मतदान के दौरान मत पेटियां लूटी गयीं, मतपत्रों में आग लगायी गयी और कई स्थानों पर प्रतिद्वंद्वियों पर बम भी फेंके गए।जान गंवाने वाले 15 लोगों में से 11 तृणमूल कांग्रेस से संबद्ध थे। राज्य में आठ जून को चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद से हुई हिंसा में अब तक 33 लोगों की जान जा चुकी है।तृणमूल कांग्रेस लगातार तीसरी बार पंचायत चुनाव में भारी जीत की ओर बढ़ रही है। अभी तक आए परिणामों में उसने अच्छी-खासी बढ़त हासिल कर ली है।


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