एनसीपी प्रमुख शरद पवार के एक बयान के बाद विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी की तरफ से लगातार उनपर निशाना साधा जा रहा है। बीजेपी का आरोप है कि पवार अपने बयान से कला को विभाजित करने का काम कर रहे है, ताकि वो अपने वोट बैंक साध सके। दरअसल, पवार ने बीते दिन कहा था कि हिंदी सिनेमा में सबसे बड़ा योगदान अल्पसंख्यंकों का रहा है। इसे कोई झुठला नहीं सकता है। अब बीजेपी ने इस बयान को लेकर ही आरोप लगाया है।
शहजाद पूनावाला ने एक बाद एक किया ट्वीट
दरअसल, बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक बाद एक ट्वीट करके आरोप लगाया है। प्रवक्ता ने ट्वीट में लिखा – ‘ तो आतंकवादियों का कोई धर्म नहीं होता लेकिन कला और सिनेमा का एक धर्म होता है पवार साहब? दादासाहेब फाल्के, किशोर कुमार, लता मंगेशकर, आशा भोसले, स्मिता पाटिल, माधुरी दीक्षित आदि का क्या? इन सबने योगदान नहीं दिया है क्या ? वही, शहजाद पूनावाला ने आगे दूसरे ट्वीट में लिखा – ‘लेकिन जिस पार्टी के मंत्री नवाब मलिक डी कंपनी से संबंध रखने के आरोप में जेल में हैं, उससे हम क्या उम्मीद कर सकते हैं! पहले वे देश को हिंदू मुस्लिम में बांटते हैं.. फिर कक्षाओं को बांटते हैं.. वे राजस्थान में बिजली भी बांटते हैं..अब कला/सिनेमा बांटते हैं.. दुख की बात है। ‘

विवेक अग्निहोत्री ने भी शरद पवार के बयान को बताया गलत
बता दें, ना सिर्फ बीजेपी बल्कि बॉलीवुड डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री ने भी शरद पवार के बयान की आलोचना की हैं। उन्होंने ट्वीट में लिखा – ‘किसी भी राजा की तरह, उनकी पार्टी ने भी टैक्स एकत्र किया। कई बॉलीवुडियों ने उदारता से योगदान दिया। बदले में उन्हें अपना किंग्डम बनाने की अनुमति दी गई। मुझे हमेशा आश्चर्य होता है कि वे लोग कौन थे? शरद पवार के बयान ने मेरे सभी संदेहों को दूर कर दिया।’ज्ञात हो अग्निहोत्री ने कश्मीर फाइल्स फिल्म बनाई थी।

सिनेमा में अल्पसंख्यंकों का सबसे बड़ा योगदान: पवार
हम आपको बता दें, शरद पवार ने बीते दिन अपने बयान में कहा था कि, ‘ हिंदी सिनेमा में अल्पसंख्यंकों का सबसे बड़ा योगदान रहा है। हम चाहकर इसे झुठला नहीं सकते है। उर्दू भाषा ने देश के सभी क्षेत्रों में योगदान दिया है। चाहे आर्ट हो या फिर कोई लेखन ये सब उर्दू भाषा से आया है। फिल्म इंडस्ट्री को एक मुकाम पर अल्पसंख्यंकों ने पहुंचाया है।


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