बंबई उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को महाराष्ट्र के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन की आपूर्ति बढ़ाने का निर्देश देते हुए कहा कि एक मई को उपचाराधीन मरीजों की संख्या के लिहाज से महत्वपूर्ण दवा के आवंटन में कटौती तर्कसंगत नहीं है। विशेष सुनवाई में न्यायमूर्ति एस बी शुकरे और न्यायमूर्ति अविनाश घरोटे की पीठ ने कोविड-19 मरीजों के उपचार में जरूरी चिकित्सकीय ऑक्सीजन और रेमडेसेविर की कमी से संबंधित कुछ याचिकाओं पर सुनवाई की।
पीठ ने कहा, ‘‘पूर्व में 10 दिन के लिए 4,30,000 शीशियों का आवंटन हुआ और अगले 10 दिनों के लिए 3,74,500 शीशियों का आवंटन किया गया। इसका मतलब है कि महाराष्ट्र के लिए रेमडेसिविर की 60,500 शीशियां घट गयी।’’ अदालत ने कहा, ‘‘30 अप्रैल को महाराष्ट्र में उपचाराधीन मरीजों की संख्या 6,72,000 थी जबकि एक मई को यह संख्या घटकर 6,64,000 हो गयी।
इसका मतलब है कि सक्रिय मामलों में 1.2 प्रतिशत की कमी हुई वहीं इसी दौरान महाराष्ट्र के लिए आवंटन में 14.5 प्रतिशत की कटौती की गयी।’’ पीठ ने कहा, ‘‘केंद्र सरकार द्वारा इस विसंगति पर फिर से विचार करने और इसे ठीक करने की जरूरत है।’’ अदालत ने कहा कि अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल उल्हास औरंगाबादकर केंद्र सरकार से निर्देश लेंगे और इस बारे में पीठ को अवगत कराएंगे।


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