हरिद्वार : ज्योर्तिपीठ एवं द्वारिका शारदापीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने केंद्र सरकार से देश की बढ़ती हुई आबादी पर काबू पाने के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि दो बच्चों सेे अधिक पैदा होने पर लोगों के मूल अधिकार छीनने से जनसंख्या नियंत्रण नहीं की जा सकती है। इसके लिए समान नागरिक संहिता ही सबसे सही रास्ता है।
उन्होंने कहा कि मुसलमानों को चार-चार शादी करने की छूट है। जबकि हिन्दुओं को एक ही शादी करने की इजाजत है। इससे आबादी का संतुलन बिगड़ रहा है। क्योंकि मुसलमानों में आबादी बढाने की प्रतिस्पर्धा सी चल रही है। उन्होंने कहा कि हिन्दू धर्म में आबादी पर नियंत्रण पाने के लिए सद आचरण पर बल दिया गया है।
उन्होंने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण और जनसंख्या बढाने का फैसला समयानुकूल स्थितियों को देखकर ही किया जाता है। इस समय देश में आबादी नियंत्रण की जरूरत है। उन्होंने कहा कि नशाखोरी के कारण बलात्कार, अपहरण तथा अन्य अपराध करने की भावनाएं युवा पीढी में बढ़ रही है। इसलिए युवा पीढी को नशे से मुक्त कराने के लिए अखिल भारतीय भारत साधु समाज देशव्यापी अभियान छेड़ेगा।


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